तौल नहीं हुई तो किसानों ने बाहर फेंका बारदाना
जैदा कृषि उपज मंडी प्रांगण समर्थन मूल्य पर चना व सरसो की खरीद फिर से बंद करने, तीन तीन दिन तक किसानों को तौल के लिए इंतजार कराने ,मनमाने ढंग से उपज के नमूने रिजेक्ट करने ,उठाव करने में ट्रांसपोर्टर की लापरवाही के चलते किसान अाक्राेशित हाे गए। केंद्र पर अव्यवस्थाओं को लेकर जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक बृजराज सिंह चौहान ने जिला विपणन अधिकारी,नागरिक आपूर्ति निगम अधिकारी,मंडी सचिव,वेअरहाउस मैनेजर ,क्वालिटी इंस्पेक्टर,ट्रांसपोर्टर और सहकारी संस्था प्रतिनिधियों को जमकर लताड़ लगाई । जब खरीद अधिकारियो द्वारा टीनशेड में जगह खाली नहीं होने का बहाना बनाया तो आक्रोशित किसानों ने खाली बारदाना बाहर फेंकना चालू कर दिया । पूर्व विधायक चौहान ने किसानों को समझाकर रोका। बातचीत के बाद शाम साढ़े तीन बजे केंद्र पर खरीद चालू हो सकी। इस मौके पर कुलवंत सिंह,जिला कांग्रेस प्रवक्ता राजू तोमर,महावीर मित्तल,जुगल बंसल,रहीस खान,डॉ देवकी नंदन शर्मा,रामावतार मीणा बिलवाड़ा,बीरबल बंजारा सहित सैकड़ो किसान उपस्थित थे ।
जैदा कृषि उपज मंडी प्रांगण में समर्थन मूल्य पर चना व सरसों की खरीद फिर से बंद
15 दिनों से तौल के इंतजार में खरीदी केंद्रों पर उपज की रखवाली कर रहे किसान
समर्थन मूल्य खरीदी केन्द्रों पर उपज की ढुलाई समय पर नहीं होने की वजह से किसानों को तौल के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। प्रेमसर में संचालित खरीदी केंद्र पर पानड़ी गांव के किसान लालजीराम शर्मा का 15 दिन बांद मंगलवार को भी तुलाई का नंबर नहीं आया है। सिर्फ प्रेमसर ही नहीं जिले के अधिकांश खरीदी केंद्रों पर यही स्थिति बनी हुई है। जिले में 32 केंद्रों प र गेहूं की खरीदी चल रही है। हर केंद्र पर 500 से अधिक किसान अपनी उपज की तौल का इंतजार कर रहे हैं। जिले में खरीदी केंद्रों पर व्यवस्थाएं सुधारने का नाम नहीं ले रही है। केंद्रों पर बारदाना नहीं उपलब्ध होने की वजह से 2 लाख क्विंटल गेहूं खुले में रखा है। इन केंद्रों पर मैसेज देकर बुलाए किसानों ने भी अपना गेहूं जमीन पर ढेर लगा दिया है। तौल का नंबर नहीं आने से किसानों को गेहूं के ढेर की दिनरात रखवाली करनी पड़ रही है। स्थानीय सहकारी सोसायटी प्रबंधकों को तौल और व्यवस्था बनाने की जिम्मेदारी प्रशासन द्वारा सौंपी गई है। सोसायटी प्रबंधक तो अपनी जिम्मेदारी सही तरीके से निभा रहे हैं लेकिन उनकी व्यवस्था को उपज का परिवहन करने के लिए अनुबंधित एजेंसी चौपट कर रही है। अनुबंधित एजेंसी द्वारा उपज का परिवहन नियमित नहीं किया जा रहा है। इस वजह से खरीदी केन्द्रों पर लाखों क्विंटल गेहूं खुले मैदान पर रखा हुआ है। क्यारपुरा खरीदी केंद्र पर किसानों का लगभग 40000 क्विंटल गेहूं पड़ा है। गेहूं से भरी बोरियां मैदान में रखी हुई हैं। केंद्रों पर सहकारी संस्था के लोगों द्वारा गेहूं की तौल कराने में भेदभाव की शिकायत किसान कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि केंद्र पर दबंगों का नंबर आ रहा है, जबकि आम किसानों के इंतजार में दिन बीत रहे हैं।