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जिस जमीन के प्रबंधक कलेक्टर उस पर हो रहा अवैध उत्खनन, माफिया का कब्जा नहीं हटवा सका प्रशासन

3 वर्ष पहले
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जिस जमीन के प्रबंधक कलेक्टर हैं, उस जमीन पर हर माह करीब दो करोड़ रुपए खनिज का अवैध कारोबार चल रहा है। खनिज माफिया ने इस जमीन पर काबिज होकर 80 फीसदी हिस्से में पत्थर, फर्शी , रेत अादि खनिज डंप कर रखा है। डंप करने के बाद खुलेआम बिक्री की जा रही है। दाे माह पूर्व कलेक्टर ने खुद मौके पर वक्फ बोर्ड द्वारा बनाई गई दुकानें सील करके इस जमीन को मजार के सेवादार को सुपुर्दगी में दिया है। लेकिन जिला प्रशासन अभी तक मौके पर कब्जा जमाए बैठे खनन माफिया को नहीं हटा सका है। इस संबंध में एसडीएम द्वारा जारी नोटिस भी बेअसर है। इस बीच खनन माफिया तरफ से लगातार धमकी मिलने पर अब सेवादार ने पुलिस कोतवाली में रिपाेर्ट की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

दरअसल शहर के खातौली तिराहे पर मिट्‌टेशाह समिति की यह जमीन स्थित है। इस जमीन के प्रबंधक स्वयं कलेक्टर हैं। करीब साढ़े तीन बीघा इस जमीन पर कुछ महीने पहले तक वक्फ बोर्ड ने अतिक्रमण करके दुकानें बना दी थीं। प्रशासन ने गत 16 मार्च को सभी 13 दुकानों को सील करके मिट्टेशाह मजार के सेवादार जलालुद्दीन को कब्जा सौंप दिया। लेकिन प्रशासन ने उस वक्त भी मौके से खनिज माफिया का अवैध कब्जा नहीं हटवाया था। हालांकि सेवादार जलालुद्दीन ने खनिज माफिया को मौके से तुरंत हटाने की गुहार लगाई थी, लेकिन तब यह कहकर टाल दिया कि मौके पर खनिज सामग्री ज्यादा होने से इसे उठाने में समय लगेगा। इस कार्रवाई को दो महीना बीत गया है। लेकिन आज भी इस जमीन पर हर महीने औसतन डेढ़ से दो करोड़ रूपए खनिज का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। वहीं मिट्‌टेशाह मजार के सेवादार जलालुद्दीन को धमकी मिलने के बाद उसने सिटी कोतवाली में आवेदन देकर खनिज माफिया से खुद की जान काे खतरा बताया है। जलालुद्दीन ने बताया कि प्रशासन ने उसे जमीन पर हक मिलनेे के बाद मौके पर गया तो माफिया ने उसे जान से मारने की धमकी दी। हाथापाई का प्रयास किया गया। जलालुद्दीन ने सिटी कोतवाली में रिपोर्ट लिखाने के साथ ही एक आवेदन एसडीएम को सौंपकर कार्रवाई की गुहार लगाई है। हालांकि पुलिस ने अभी मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की है।

खाताैली राेड तिराहे पर कलेक्टर के संरक्षण वाली जमीन पर चल रहा अवैध खनिज काराेबार।

कलेक्टर की कार्रवाई के दो माह बाद भी कायम है माफिया

मिट्‌टेशाह मजार की यह करीब साढ़े तीन बीघा जमीन है। तत्कालीन कलेक्टर पन्नालाल सोलंकी ने दो महीने पहले एक आदेश जारी करके जमीन को सेवादार की सुपुदर्गी में दिया था। इसके साथ ही कलेक्टर ने वक्फ बोर्ड द्वारा अतिक्रमण करके बनाई गई दुकानों को राजसात कर लिया था। कलेक्टर के आदेश पर दुकानें सेवादार की सुपुदर्गी में दे दी, लेकिन जमीन पर कब्जा जमाए बैठे खनिज माफिया को नहीं हटाया गया।

सेवादार ने दिया है आवेदन

खातौली तिराहे पर मिट्‌टेशाह समिति की जमीन के संबंध में सेवादार ने एक आवेदन दिया है। जिसमें मौके पर अतिक्रमण करके खनिज की बिक्री करने वाले दो भाईयों पर धमकी देने का आरोप लगाया है। अभी इस प्रकरण में जांच करा रहे हैं। सुनील खेमरिया, सिटी कोतवाली टीआई, श्योपुर

खनिज माफिया को नहीं हटाया

मुझे जमीन सुपुर्दर्गी में दे दी गई है। जमीन पर 80 फीसदी हिस्से में खनिज माफिया है, उसे नहीं हटाया गया है। मैं जब मौके पर जाता हूं तो धमकी दी जाती है। जलालुद्दीन, पुजारी, मिठ्ठेशाह

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