पिता-पुत्र से मारपीट करने वाले दो भाइयों को 6-6 माह की जेल
पुरानी रंजिश के चलते आरोपी भाईयों ने की थी पिता-पुत्र से मारपीट
भास्कर संवाददाता | श्योपुर
विजयपुर न्यायालय के न्यायाधीश हेमंत सविता की अदालत ने पिता-पुत्र की मारपीट के मामले में मंगलवार को फैसला सुनाया। जिसमें आरोपी दो भाइयों को दोषी करार देते हुए 6-6 माह की जेल की सजा सुनाई। जबकि उनके खिलाफ 1-1 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया। यह मारपीट पुरानी रंजिश के चलते की गई थी। जिसमें अभियोजन की ओर से पैरवी एडीपीओ एसएन मावई ने की।
एडीपीओ एसएन मावई ने बताया कि 23 दिसंबर 2011 को देवरी गांव निवासी बारेलाल जाटव, उसका लड़का सुनील जाटव व प|ी प्रेमवती बाई खेत पर गए हुए थे। जहां बारेलाल की प|ी से पुरानी रंजिश के चलते नरेश जाटव ने उसे गालियां दे दी। प|ी ने अपने पति को नरेश द्वारा गाली देने की बात कहीं। जिस पर बारेलाल जाटव व उसका लड़का सुनील जाटव उसके घर शिकायत करने पहुंचा। लेकिन यहां आरोपी नरेश व उसके भाई पप्पू जाटव ने दोनों पिता-पुत्र की मारपीट कर दी। जिससे वह घायल हो गए, जिसकी शिकायत इलाज कराने के बाद बारेलाल जाटव ने चिलवानी थाने में दर्ज कराई। जिसके बाद मामला जेएमएफसी न्यायाधीश हेमंत सविता की अदालत में गया। यहां मामले में 6 साल 4 महीने और 14 दिन बाद फैसला सुनाया गया। जिसमें साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर आरोपी नरेश व उसके भाई पप्पू जाटव को अदालत ने मारपीट में दोषी करार देते हुए आईपीसी की धारा 325 में 6-6 माह के कारावास की सजा सुनाई। जबकि उनपर एक-एक हजार रुपए का अर्थदंड भी किया।