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चंबल एक्सप्रेस-वे: 840 करोड़ से बनेगा 300 किमी हाईवे, 16 गांवों को फायदा

3 वर्ष पहले
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चंबल एक्सप्रेस-वे का निर्माण जल्द शुरू होगा। मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम ने एक्सप्रेस-वे के रूट एलाइनमेंट का प्रस्ताव मंजूरी के लिए भूतल परिवहन मंत्रालय में पेश कर दिया है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण 300 किमी लंबाई के एक्सप्रेस-वे का निर्माण कराएगा। एक्सप्रेस-वे बनने से 5000 लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।

100 मीटर चौड़ाई के चंबल एक्सप्रेस-वे के किनारे-किनारे व्यवसायिक गतिविधियों को विकसित किया जाएगा। मानकों के अनुरूप लॉजिस्टिक पार्क तैयार किए जाएंगे। इसके अलावा औद्योगिक केंद्र, कृषि उत्पाद केंद्र, खाद्य प्रसंस्करण केंद्र बनाए जाएंगे। 300 किमी लंबाई के एक्सप्रेस-वे के समानांतर स्कूल, अस्पताल, मनोरंजन केंद्र, रिसॉर्ट व स्मार्ट सिटी बसाई जाएंगी। इसके अलावा संचार उपयोगिता के आयाम भी सुनिश्चित किए जाएंगे। इन गतिविधियों से अंचल के युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। एक्सप्रेस-वे तैयार करने के लिए 25000 हेक्टेयर जमीन की जरूरत होगी। जिसमें से 50 फीसदी जमीन सरकारी उपलब्ध है। शेष किसानों की जमीन उपलब्ध कराने का काम सड़क विकास निगम तीन से चार महीने में पूरा करेगा। एक्सप्रेस-वे बनाने के लिए बीहड़ी मिट्टी की पड़ताल के बाद तथ्य सामने आए हैं कि मिट्टी पॉजीटिव है।

हाईवे बनाने 25 हजार हेक्टेयर जमीन की जरूरत, 50 प्रतिशत जमीन सरकारी

चंबल के बीहड़ों से होकर इस तरह का बनेगा हाईवे।

श्योपुर जिले के 16 गांव होंगे विकसित

चंबल एक्सप्रेस-वे के लिए मुरैना, भिंड व श्योपुर जिले की आठ तहसीलों की बीहड़ी जमीन का उपयोग होगा। 113 गांव विकास की राह पर अग्रसर होने की स्थिति में आएंगे। जिसमें भिंड जिले के कनेरा, अटेर, खिपौना, सरपुरा, बिजौरा, रमा, बढ़पुरा 20 गांव से होते हुए एक्सप्रेस-वे भिंड-इटावा मार्ग-92 से जुड़ जाएगा। मुरैना जिले के 55 गांव एक्सप्रेस-वे से सीधे जुड़ेंगे। श्योपुर के वीरपुर, सबलगढ़ के हीरापुर, कैलारस क्षेत्र के झुंडपुरा, बृजगढ़ी, छिनवरा, मथुरापुरा, खांड़ौली, गड़ौरा, ऐसाह, डंडौली, बरवाई, रछेड़, रायपुर, कुरेठा व नगरा-पोरसा से होकर एक्सप्रेस-वे निकलेगा।

सर्वे रिपोर्ट मंत्रालय को भेजी है

चंबल एक्सप्रेस-वे के एलाइनमेंट सर्वे की रिपोर्ट भारत सरकार के भूतल परिवहन मंत्रालय को भेज दी गई है। स्वीकृत होने पर काम शुरू कराया जाएगा। अनिल चंसोरिया, मुख्य अभियंता, एमपीआरडीसी, भोपाल

चंबल एक्सप्रेस-वे से यह होगा सीधा लाभ

मप्र, राजस्थान व उत्तरप्रदेश के बीच सीधा व्यवसायिक संपर्क बढ़ेगा।

पर्यटकों का आना-जाना भी बढ़ेगा। चंबल सेंक्चुरी के साथ ही यहां मितावली, पढ़ावली, ककनमठ, अटेर किला व बटेश्वरा के शिव मंदिरों के अलावा पर्यटन के अन्य केंद्र विकसित हो सकेंगे।

एक्सप्रेस-वे से मुरैना में चंबल का राजघाट पुल, अंबाह में उसैदघाट पुल, जौरा में सेवरघाट पुल और अटेर-जैतपुर सीधा जुड़ जाएगा। वहीं ग्वालियर से कोटा होकर राजस्थान जाने वाले लोगों को सीधा व शॉर्टकट रूट उपलब्ध होगा।

वीरपुर से पोरसा के बीच 80 किलोमीटर लंबाई के पांच बायपास बनाने से चंबल एक्सप्रेस-वे से गुजरने वाले लोगों को समय व ईंधन की बचत होगी। इसके लिए प्रशासन ने वीरपुर में 12 किमी, सबलगढ़ में 21 किमी, जौरा में 15 किमी, मुरैना में 20 किमी व पोरसा में 12 किमी लंबाई के बाईपास मार्ग बनाए जाएंगे।

बायपास के मोड़ में नौ किलोमीटर की लंबाई और शामिल रहेगी। इस प्रकार बायपास के निर्माण 89 किलोमीटर की दूरी कम करेंगे। वीरपुर से अटेर तक 273 किमी लंबाई के एक्सप्रेस-वे के लिए पांच बायपास बनने से कुल दूरी में 89 किलोमीटर लंबाई की दूरी कम हो जाने से लोगों को 184 किलोमीटर का सफर ही करना होगा।

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