सूखे से खराब हुई फसलों पर किसानों को नहीं मिला क्लेम
जिले में 13 हजार किसानों ने कराया है प्रधानमंत्री फसल बीमा, 4 हजार ने सिर्फ सहकारिता बैंक से कराया बीमा
भास्कर संवाददाता | श्योपुर
किसानों की फसलें खरीफ सीजन में कम बारिश व कीट व्याधि से पूरी तरह से नष्ट हो गई है। लेकिन अब तक बीमा कंपनी द्वारा फसल नुकसान का क्लेम नहीं दिया जा रहा है। जबकि सर्वे में फसलों में नुकसान 50 फीसदी तक बताया गया है।
साल 2017 में सूखे के कारण खरीफ फसलें खराब हो गई थी। इस पर प्रशासन ने तत्काल सर्वे का कराकर फसल नुकसान का मुआवजा व बीमा क्लेम के लिए सूची तैयार कर ली थी। जिलेभर में सर्वे के बाद प्रशासन ने खरीफ सीजन में सूखे की मार से फसलों में 50 फीसदी नुकसान माना। जिनमें उड़द, मूंग, सोयाबीन व ज्वार-बाजारा की फसलों को अधिक प्रभावित माना। इसके पहले पीएम फसल बीमा योजना के तहत 4 हजार किसानों को फसल बीमा सहकारी बैंक द्वारा किया गया। जबकि लगभग 9 हजार से अधिक किसानों का बीमा केसीसी की राशि में बतौर प्रीमियम काटते हुए किया गया। लेकिन अब तक फसल बीमा के आवेदनों पर प्रशासन व बैंक की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। जबकि किसानों से बैंकों ने फसल बीमा के नाम पर 200 करोड़ रुपए की राशि काटी है। शिकायतों के बाद कलेक्टर पीएल सोलंकी ने पूर्व में ली टीएल बैठक में लीड बैंक ऑफीसर को फसल बीमा में क्लेम दिलाने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए, पर इन पर भी अब तक अमल नहीं किया गया है।