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दो महीने में 67 पंचायतों को करें आेडीएफ नए कलेक्टर बोले-हर हाल में पूरा हो लक्ष्य
पंचायतों को ओडीएफ करने दिशा-निर्देश देते कलेक्टर सौरभ सुमन।
शौचालय का लक्ष्य पूरा होती ही कर रहे ओडीएफ घोषित
जनपद श्योपुर में 95 पंचायतें है, जिनमें से प्रशासन ने 28 को ओडीएफ घोषित करना बताया है। जबकि इन पंचायतों में शौचालय बनने का लक्ष्य पूरा हुआ, जिस पर अफसरों ने पंचायतों को लक्ष्यपूर्ति के साथ ही ओडीएफ कर दिया। जबकि जमीनी हककीत इसके बिल्कुल उलट है। पंचायतों में लोग पानी की कमी के चलते अब भी खुले में शौच करने जा रहे है। जबकि ओडीएफ का मतलब भी यहीं है कि खुले में शौच से मुक्त न की शौचालय बनाकर लक्ष्य पूरा करना। लेकिन श्योपुर के अफसरों ने ओडीएफ का मतलब ही बदल दिया है। जिसमें लक्ष्य पूरा करते हुए अपने काम की इतिश्री कर रहे है, लेकिन ओडीएफ करने के लिए काम नहीं कर रहे है। नतीजा यह पंचायतें जनपद के रिकॉर्ड में तो ओडीएफ हो गई, लेकिन हकीकत में नहीं।
46 हजार शौचालय बनाने का मिला लक्ष्य
जिले में पूर्व में पंचायतों में खुले में शौच से मुक्त कराने के लिए लगभग 30 हजार शौचालयों का निर्माण 225 पंचायतों में कराया गया है। जबकि ग्रामीणों को खुले में शौच जाने से रोकने के लिए उन पर जुर्माने की कार्रवाई भी की जा रही है। सरकार ने पंचायतों में मांग के आधार पर 46 हजार और नए शौचालय बनाने का लक्ष्य दिया है। जिसे लेकर प्रशासन परेशान बना हुआ है, क्योंकि पूर्व का लक्ष्य अब तक पूरा नहीं हुआ है। ऐसे में नए लक्ष्य के तहत काम करने में अफसरों को परेशानी होगी, इसका कारण है लोगों द्वारा न तो शौचालय के काम कराए जा रहे है और नहीं बने हुए शौचालयों का इस्तेमाल ग्रामीणों द्वारा किया जा रहा है। ऐसे में पंचायत स्तर पर सीईओ ने शौचालय निर्माण मनरेगा मद से कराने के भी निर्देश पंचायत सचिवों को दिए है ताकि, लक्ष्य की पूर्ति की जा सके।