ठेके की कम रेट की वजह से हजारेश्वर मेला शुरू होने में देरी
हजारेश्वर मेला हर साल की तरह ठेके पर दिया जा रहा है। इस साल भी मेले का ठेका दिया है। लेकिन पिछले साल से टेंडर प्रक्रिया में आधी रेट आई है। विवाद की स्थिति बढ़ती देख अभी तक नगर पालिका ने रेट फाइनल नहीं की है। कम रेट को लेकर बैठक में कुछ पार्षद कम रेट को लेकर आपत्ति दर्ज कराने की तैयारी में है। संभवत: इसी वजह से नगर पालिका द्वारा मेले की रेट फाइनल करने के लिए अभी तक बैठक नहीं बुला रही है। यहां बता दें कि हर साल से एक ही ठेकेदार मेला लगाता आ रहा है। अलग अलग फर्म के माध्यम से टेंडर प्रकिया अपनाकर मेले का आयोजन किया जा रहा है। पिछले साल 6 लाख से अधिक की रेट आई थी। लेकिन इस साल 3 लाख 51 हजार की रेट आई है।
बिना टेंड के लगने लगे झूले
अप्रैल महीने की शुरूआत के साथ ही कोटा से झूला सेक्टर वालों को श्योपुर बुलवा लिया था। हजारेश्वर मेले में झूले तैयार होने लगे हैं। जबकि अभी तक मेले का ठेका नहीं हुआ है। मेले में झूला लेकर आए लोगों का कहना है कि उनसे कहा गया था कि 15 अप्रैल से मेला शुरू हो जाएगा। लेकिन यहां आने पर कुछ भी व्यवस्था नहीं मिलीं। जबकि मेले में अन्य दुकानें अभी नहीं आई। मेले का समय नजदीक है। लेकिन नगर पालिका अभी तक मेले को ठेके पर देने के लिए आगे कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।