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आंधी और बादल छाने से फसलों को खतरा किसान दिनभर फसल समेटने में व्यस्त

3 वर्ष पहले
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खेत में अधपकी गेहूं की फसल को काटने की संभावना देखता किसान।

अभी एक सप्ताह और साफ रहना चाहिए मौसम

किसानों का कहना है कि यदि आगामी एक सप्ताह तक बारिश व आंधी नहीं होती है तो काफी हद तक मुश्किलें समाप्त हो जाएगी। गांवों में किसानों को जरूरत के वक्त थ्रेसर भी नहीं मिल रहे हैं। थ्रेसर मिलना भी मुश्किल हो रहा है। अनुमान लगाया जा रहा है कि एक सप्ताह में 60 से 80 प्रतिशत फसलें मंडियों तक पहुंच जाएगी।

थ्रेसर का किराया एक हजार रुपए प्रति घंटा

जिन किसानों को पशुओं के लिए भूसे की जरूरत है उन्होंने अपने परिवार व श्रमिकों के साथ मिलकर फसलों को काटकर तैयार कर दिया है। अब उन्हें थ्रेसर की आवश्यकता है। मौसम खराब होने से थ्रेसर को लेकर मारामारी चल रही है। यहां तक कि थ्रेसर का किराया प्रति घंटा 800 से बढ़कर एक हजार रुपए तक हो गया है। मौसम बिगड़ने से हर कोई जल्दबाजी में है। इसके चलते सामान्य किसान को थ्रेसर हाथ नहीं लग रहे हैं। जबकि बड़े किसान कंबाइन से गेहूं की फसल तैयार करने का जतन कर रहे हैं। जानकारों के अनुसार अन्य जिलों में फसलों की कटाई पूरी हो जाने से अब वहां से थ्रेसर यहां आ सकते हैं और 5 से 7 दिनों में फसल कटाई का काम निपट जाएगा।

इसी सप्ताह में समेट लेंगे फसल

मौसम बिगड़ने से नुकसान की आशंका बढ़ी हुई है। पिछले दिनों सामान्य आंधी व बूंदाबांदी थी जिससे नुकसान नहीं हुआ है। अभी तक राहत है। उम्मीद लगाई जा रही है कि आगामी एक सप्ताह तक मौसम साफ रहे। अगले 7 दिन में सभी किसान अपनी फसलों को समेट लेंगे। पी गुजरे, कृषि उप संचालक श्योपुर।

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