शिवपुरी-पाली और शिवपुरी-श्योपुर हाईवे पर अंधे मोड़ को लेकर अनदेखी
भास्कर संवाददाता | श्योपुर(कराहल)
सड़क सुरक्षा समिति ने सड़क दुर्घटनाओं को रोकने शिवपुरी-पाली और शिवपुरी-श्योपुर हाईवे पर पडऩे वाले अंधे मोड़ों पर संकेतक बोर्ड लगाने का फैसला लिया। लेकिन संकेतक बोर्ड लगाने भूल गए। जिससे हाईवे पर अंधे मोड़ न सिर्फ वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं को बढ़ावा दे रहे हैं। गोरस-मुरैना हाईवे पर भी कई खतरनाक मोड़ है, जहां वाहन चालकों की जरा सी चूक होते ही दुर्घटना घटित हो जाती है। इन हाईवे पर स्थित अंधे मोड़ों पर चेतावनी (संकेतक) बोर्ड नहीं लगाए हैं। इस कारण जानलेवा बने यह मोड़ अब तक कई जिंदगियां लील चुके हैं।
शिवपुरी-पाली हाईवे पर हर पल हादसे का डर सताता है। जैसे ही हाईवे का सफर शुरू होता है, हर किलोमीटर के अंतराल पर अंधे मोड़ वाहन चालकों को चौंका देते हैं। खासकर बावंदा नाला, कलमी और ककरधा गांव के बीच, गोरस, कराहल तथा नोनपुरा घाटी पर खतरनाक मोड़ पड़ते है। यहां किसी भी वाहन चालक की जरा सी चूक भारी पड़ जाती है। खास बात यह है कि इस हाईवे पर जिला प्रशासन के आला अधिकारी भी आए दिन सफर करते हैं, लेकिन इस गंभीर समस्या को हल करने की दिशा में प्रशासन उदासीन बना हुआ है।
निर्माण एजेंसी नहीं दे रही ध्यान : करीब पांच साल पूर्व एमपीआरडीसी द्वारा बनाए गए मेगा हाईवे पर निर्माण के साथ ही संकेतक बोर्ड लगाने थे, लेकिन निर्माण एजेंसी ने यह चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए। एमपीआरडीसी के अधिकारियों का तर्क है कि निर्माण एजेंसी को ही संकेतक बोर्ड लगाने की जिम्मेदारी दी गई थी। इसलिए उसे यह काम हाईवे निर्माण के समय ही करना था।