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छात्राओं को दिए पीएससी परीक्षा को लेकर टिप्स

3 वर्ष पहले
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सहभागिता से संचालित एमपीपीएससी निःशुल्क कोचिंग में छात्र-छात्राओं ने तीन अंक अर्जित करने तुष्टिकरण की नीति अथवा तुलसीदास पर टिप्पणी लिखीं। वहीं छह अंकों के लिए बौद्ध धर्म को समझाने उत्तर लिखा। नायब तहसीलदार शिवराज मीणा ने प्रवासन समझाने सुबह 8 बजे से 9 बजे तक लेक्चर दिया।

श्योपुर के नायब तहसीलदार शिवराज मीणा ने यूएनओ के अनुसार प्रवासन निवास स्थान को परिवर्तित करते हुए एक भौगोलिक सीमा से अन्य भौगोलिक सीमा में विचरण का एक स्वरुप है। निवास में परिवर्तन, स्थाई और भौगोलिक सीमाओं से बाहर राजनीतिक सीमा को इसके तत्वों में शामिल किया है। इसके दो प्रकार आंतरिक प्रवासन एवं अंतरदेशीय प्रवासन है। अंतरदेशीय प्रवासन भी आब्रजक और अब्रजक दो प्रकार का है। अब्रजक प्रवासन के आर्थिक सामाजिक-सांस्कृतिक, प्राकृतिक और राजनीतिक कारण है। आर्थिक कारण में कृषि भूमि का अभाव, औद्योगीकरण, परिवहन सुविधाओं का अभाव से समझ सकते हैं। सामाजिक-सांस्कृतिक कारण में संयुक्त परिवार प्रणाली, शिक्षा, धार्मिक, सामाजिक कुरीतियां, विवाह, जनांतिक तत्व को शामिल किया है। प्राकृतिक व अप्राकृतिक और राजनीतिक कारण भी प्रवासन में सहायक है। आर्थिक अवसरों की समानता, जनसंख्या के भार में कमी, भावनात्मक एकता, मूलभूत सुविधाएं प्राप्त, सामाजिक एवं सांस्कृतिक एकीकरण इसके अच्छे प्रभाव है।

शिक्षा

तुष्टिकरण की नीति या तुलसीदास पर तीन और छः अंक के लिए बौद्धधर्म पर लिखी टिप्पणी

पीएससी की कक्षा में पढ़ाते तहसीलदार।

प्रवासनिक बाधाएं हैं नियम

भूगोल विशेषज्ञ विकास सोनी ने समुद्री निक्षेप को विस्तार से समझाया और मुख्य परीक्षा की दृष्टि से लिखाया। इससे पूर्व उन्होंने लवणता को भी विस्तार से समझाया। सुबह 7 बजे से 8 बजे तक इतिहास विशेषज्ञ खेमराज आर्य ने गुप्त वंश को समझाया। मानसिक असंतोष उत्पन्न, अंतरव्यक्तिक संबंधो का अभाव, नवीन सामाजिक संपर्क स्थापित करने की प्रक्रिया, जनसंख्या घनत्व में वृद्धि इसके बुरे प्रभाव है।

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