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शिक्षकों को मिलेगा कोर्स का ऑनलाइन लर्निंग मटेरियल

3 वर्ष पहले
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सरकारी प्राथमिक व माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों को कोर्स का ऑनलाइन लर्निंग मटेरियल उपलब्ध कराया जाएगा। राज्य शिक्षा केंद्र ने यह योजना बनाई है। इसके तहत शिक्षकों को हाईटेक पद्धति से पढ़ाना होगा। शिक्षकों को यह सामग्री जिलास्तर पर सॉफ्ट कॉपी में दी जाएगी। हालांकि कंप्यूटर आधारित पूर्व योजनाओं के सफल नहीं होने से इस प्रोजेक्ट पर सवाल उठ रहे हैं।

शिक्षकों को दी जाने वाली सामग्री जिला मुख्यालय पर आएगी। इसके बाद इसे ब्लॉक स्तर पर भेजा जाएगा। ब्लॉक से बीआरसी के जरिए सामग्री शिक्षकों तक पहुंचेगी। शिक्षक एजुकेशन पोर्टल से भी सामग्री डाउनलोड कर सकेंगे। इसके लिए शिक्षकों को 16 जीबी मेमोरी कार्ड दिए जाएंगे। शिक्षक यह कार्ड मोबाइल फोन में इनसर्ट करेंगे। इसमें विभाग ऑफलाइन तरीके से शिक्षण सामग्री डाउनलोड कर देगा। क्लास में जरूरत के अनुसार इस ऑनलाइन सामग्री के जरिए पढ़ाई कराई जा सकेगी। डीईओ अजय कटियार का कहना है कि इस लर्निग मटेरियल से शिक्षकों को सुविधा होगी।

वहीं राज्य शिक्षा केंद्र ने वर्ष 2006 में पूरे प्रदेश में हेडस्टार्ट केंद्र शुरू किए थे। हेड स्टार्ट योजना के तहत स्कूलों में एलसीडी टीवी, लैपटॉप, बैटरी, यूपीएस दिए गए, लेकिन कंटेंट के नाम पर कुछ भी नहीं दिया गया। कंप्यूटर का ज्ञान रखने वाले शिक्षक भी स्कूलों में पदस्थ नहीं किए गए।

सरकारी स्कूलों को हाइटेक करने के लिए राज्य शिक्षा केंद्र का प्रयोग, डाटा कार्ड में मिलेगा 16 जीबी मटेरियल

मेमोरी कार्ड से लेसन प्लान देखने के लिए शिक्षकों को इंटरनेट की जरूरत नहीं

मेमोरी कार्ड से लेसन प्लान देखने के लिए इंटरनेट की जरूरत नहीं होगी। शिक्षक ऑफलाइन ही इस्तेमाल कर सकेंगे। वहीं शिक्षकों का कहना है कार्ड से लेसन प्लान देखने के लिए बड़ी स्क्रीन वाले मोबाइल की जरूरत होगी। साधारण फोन की स्क्रीन छोटी होने से इसमें प्लान देखना संभव नहीं होगा यानी कार्ड उन्हीं शिक्षक को देना चाहिए जिनके पास स्मार्टफोन हों। विभाग शिक्षकों को शिक्षण सामग्री के रूप में किताबें देता है। अधिकारियों का कहना है अक्सर शिक्षक शिकायत करते हैं कि उनके पास किताबें नहीं पहुंचने के कारण वे ठीक से पढ़ा नहीं सके। इसके चलते यह योजना शुरू की गई है।

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