साहित्यकार हमेशा सच की आवाज उठाएं: कमलजीत
साहित्य सभा की मासिक बैठक नेत्र यूथ भवन में प्रधान शेर सिंह शेरपुरी की प्रधानगी में हुई। बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. कमलजीत सिंह ने कहा कि साहित्यकारों को हमेशा सच की आवाज उठानी चाहिए। लोगों को ऐसी शिक्षा देनी चाहिए जिससे समाज का भला हो। भोला सिंह टिब्बा ने मालिक झिड़के गाला कड़े, गुरवीर सिंह गौरा ने इकट्ठे होवो समाज दे लोकों, राजिंदरजीत कालाबूला ने वक्त बदलिया लोका ने बी चेहरे बदले, शेर सिंह शेरपुरी ने कल मेरे यार घर आ के गए ने, अनिश कुमार शर्मा ने मेथो नहीं लिख होने चकवे जे गाने आदि गजलें पेश की। इस मौके पर गुरचरन सिंह, अमन बुर्जियां, अमरीक सिंह आदि उपस्थित थे। (शर्मा)
शेरपुर में साहित्य सभा की बैठक में भाग लेते साहित्यकार।
पंजाबी का मान बढ़ाने के लिए बोर्ड काले करने की बजाय पढ़ाई के लिए सिलेबस तैयार करें : राजीव
बरनाला |पंजाबी भाषा का मान बढ़ाने के लिए बोर्ड काले करने की जगह पर पंजाबी में पढ़ाई के लिए सिलेबस तैयार किए जाएं। यह विचार जनरल कैटेगरी एसोसिएशन के राज्य प्रधान राजीव ने पंजाबी भाषा के विस्तार संबंधित व्यक्त किए। उन्होंने कहा सड़कों पर जो साइन बोर्ड लगे हैं, वह सभी भारत और बाहर से आए लोगों के लिए हैं और जब पंजाब से बाहर के लोगों को पंजाबी के साइन बोर्ड समझ नहीं आएंगे तो वह न केवल परेशान होंगे, बल्कि पंजाबियों को बुरा भला भी कहेंगे। राजीव बरनाला ने कहा कि आज पंजाब के सभी प्राइवेट स्कूलों के बोर्ड अंग्रेजी भाषा में लिखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों और कॉलेजों में विज्ञान, कामर्स, गणित ओर कई विषय सिर्फ़ अंग्रेजी भाषा में ही पढ़ाएं जाते हैं। उन्होंने कहा बोर्ड काले करने की जगह पर पंजाबी भाषा के बुद्धिजीवियों को विज्ञान, कामर्स और गणित आदि विषयों के सिलेबस पंजाबी में तैयार करने चाहिए, जिससे पंजाब के विद्यार्थी इन विषयों की पंजाबी में पढ़ाई कर सकें। (कपिल)