1975 की बनी सड़क में नहीं कोई सुधार
शिमला | हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी की स्थापना के बाद बालूगंज से समरहिल जाने वाले मार्ग काे चौड़ा नहीं किया गया है। वर्ष 1975 से लेकर अब तक यह मार्ग वैसा का वैसा है। सिर्फ हर वर्ष इसमें टारिंग का काम किया जाता है। इसे न तो चौड़ा किया जा रहा है और न ही यहां पैदल चलने के लिए मार्ग बनाया जा रहा है। इस मामले को लेकर विकास समिति टुटू ने सीएम और लोक निर्माण विभाग को शिकायत पत्र भेजा है। समिति के अध्यक्ष नागेंद्र गुप्ता का कहना है कि हाईकोर्ट प्रदेश सरकार को शिमला शहर की सड़कों को चौड़ा करने और बढ़ती ट्रैफिक को सुचारू करने के निर्देश जारी कर रही है। वहीं, दूसरी ओर शहर के सौंदर्यकरण व व्यवस्थाओं के लिए जिम्मेदार नगर-निगम सड़कों को तंग करने का काम कर रही है।
बालूगंज से समरहिल जाने वाले मार्ग काे चौड़ा नहीं किया है। यहां अकसस जाम लगा रहता है।
कॉस में परेशानी |इस मार्ग पर रोजाना घंटों ट्रैफिक जाम रहता है। ज्यादातर कर्मचारी, शिक्षक व दूरदराज से आए छात्र व उनके अभिभावक भी विवि आते हैं। मुख्य पर्यटक स्थल इंडियन इंस्टीट्यूट आॅफ एडवांस स्टडी, अवाॅलाज काॅलेज, पीटरहॉफ के लिए पर्यटकों की आवाजाही वाया समरहिल आने जाने के लिए यही एकमात्र साधारण व मुख्य मार्ग है। समिति का कहना है कि इस मार्ग पर कई ऐसे तंग मोड़ हैं जहां अभी तक दो बड़े वाहन तो क्या छोटे वाहन भी आपस में क्रास नहीं हो सकते हैं।