2000 से पहले बनी पेयजल योजनाओं की पाइपें बदलेंगी
2000 से पहले बनी पेयजल योजनाओं की पाइपों आैर मशीनों को बदलने का प्रोजेक्ट आईपीएच विभाग ने तैयार किया है। इसके तहत 1421 पेयजल योजनाआेंं से सप्लाई बढ़ाने पर काम किया जाना है। विभाग ने इसके लिए 800 करोड़ की योजना तैयार की है। इसे केंद्र के पास वित्तपोषण के लिए भेजा जाना है। योजना के मुताबिक, इन पाइप आैर मशीनें के स्थान पर नई पाइपों को बिछाया जाएगा।
सभी 13 सर्कल की 1421 पुरानी स्कीमों पर होगा काम| विभाग के इस प्रोजेक्ट के तहत सभी 13 सर्कल की 1421 पेयजल स्कीमों पर काम करेगा। इनमें से कई स्कीमें 80 के दशक की बनी हुई है। इन स्कीमों के चलाना विभाग के लिए मुश्किल भरा हो रहा है। मशीनरी पुरानी हो जाने के कारण विभाग को अधिक खर्चा उठाना पड़ रहा है। पाइपों में जंग लगने की वजह से इनमें लीकेज अधिक बढ़ गई है। इसके अलावा इन स्कीमों में पंपिंग सिस्टम भी खराब हो चुके है। पानी को लिफ्ट करने के लिए मशीनें अधिक लोड नहीं उठा पा रही है। इससे बिजली की खपत अधिक बढ़ रही है वहीं पानी कम लिफ्ट हो रहा है।
1421 प्रोजेक्ट्स में नई मशीनें व पाइपें लगेंगी
नई स्कीमें बनाने के बजाय पुरानी स्कीमों को दुरुस्त करेगा विभाग
आईपीएच विभाग प्रदेश में नई स्कीमों के बजाए अब पुरानी स्कीमों पर काम करेगा। अधिकारियों का तर्क है कि नई स्कीमों को तैयार करने में काफी समय लग जाता है। ऐसे में पुरानी स्कीमों पर काम नहीं हो पाता है। ऐसे में न तो पुरानी स्कीमों का लाभ लोगों को मिल पा रहा है और न ही नई स्कीमें जल्दी तैयार हो पा रही है। प्रदेश में पानी की समस्या को दूर करने के लिए विभाग पुरानी स्कीमों के सुधार पर काम कर रहा है। पुरानी पाइपों को बदल कर नई पाइपों को बदलेगा। वहां पर नई मशीनरियां स्थापित की जाएगी।
पानी की 9393 पेयजल स्कीमें चला रहा है विभाग| प्रदेश में इस समय पानी की 9393 पेयजल योजनाएं है। इसमें सबसे अधिक 7288 ग्रेविटी और 1820 लिफ्ट की स्कीमें है। इनमें से विभाग वर्ष 2000 से पहले की बनी 1421 स्कीमों की पुरानी पाइपों और स्कीमों को बदल रहा है।
प्रदेश में वर्ष 2000 से पहले की बनी 1421 पुरानी पेयजल स्कीमों को समाप्त करके नई स्कीमें तैयार की जाएगी। इसके लिए पुरानी पाइपों को बदला जाएगा और नई पंपिंग मशीनरियां स्थापित की जाएगी। -अनिल बारी, प्रमुख अभियंता आईपीएच विभाग
चंगर क्षेत्र की 15 पंचायतों की साढ़े 22 करोड़ से बुझेगी प्यास : पवन काजल
कांगड़ा| विधायक पवन काजल ने कहा चंगर क्षेत्र की 15 पंचायतों के लिए 22 करोड़ 50 लाख रुपए की पेयजल योजना का निर्माण करवाकर 24 घंटे पीने का पानी मुहैया करवाया जाएगा। ढ़ूंढ़नी का बाग और रानीताल पंचायत में जनसंपर्क अभियान के तहत विधायक काजल ने कहा चंगर के लिए दो पेयजल योजनाओं को बजट की मंजूरी मिली है। एक पेयजल योजना 17 करोड़ रुपए की जिसमें ग्राम पंचायतें समेला, दौलतपुर, भाई, कोई, कुलथी, तकीपुर, धमेड़, हारजलाड़ी और जनयानकड़ गांव शामिल हैं। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने इस पेयजल योजना का शिलान्यास हारजलाड़ी में रखा है। दूसरी पेयजल योजना रजियाणा बांध, रानीताल, सुक्का बाग, भंगवार, ठाकुरद्वारा, घटटा, चेलियां गांवों के लिए सरकार ने विधायक प्राथमिकता योजना के आधार पर साढ़े पांच करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। दोनों ही पेयजल योजनाओं का निर्माण कार्य अढ़ाई वर्षों के भीतर पूरा कर जनता को 24 घंटे पीने का पानी मुहैया करवाया जाएगा। उन्होंने कहा तकीपुर में राजकीय डिग्री काॅलेज के भवन का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है।