हेलमेट न पहनने पर 87 दिन में 44 हजार लोगों के चालान
शिमला| दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट जरूर पहनना चाहिए। ऐसे में सड़क दुर्घटना होने पर आप अपने आप को सुरक्षित कर सकते हैं। राजधानी शिमला समेत प्रदेश के अन्य जिलों में भी दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट आवश्यक किया गया है। हेलमेट न पहनने पर पुलिस चालान भी करती है। इस सख्ती के बावजूद लोग हेलमेट की अनिवार्यता को समझ नहीं रहे हैं। राज्य में सड़क हादसों में कमी लाने के मकसद से पुलिस की ओर से चलाए गए विशेष अभियान में लोग ट्रैफिक नियमों का कई प्रकार से उल्लंघन करते पाए गए हैं। ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के अधिक मामले दोपहिया वाहनों के सामने आए हैं। प्रदेश पुलिस ने 19 जनवरी को 100 दिन का एक्शन प्लान शुरू किया था। अभियान के तहत तब से लेकर अब तक दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट न पहनने पर 44 हजार लोगों के चालान किए गए। यह आंकड़ा बताता है कि पुलिस की सख्ती के बावजूद लोगों को अपनी जान की परवाह बिल्कुल भी नहीं है। अभियान के तहत पुलिस लोगों को हेलमेट पहनने के लिए जागरूक भी कर रही है, लेकिन जब तक लोग खुद जागरूक नहीं होंगे, तब तक जागरुकता लाने की मुहिम सिरे नहीं चढ़ पाएगी। क्योंकि अभी पुलिस 100 दिन के अभियान में सड़क पर उतरी है। जब यह विशेष अभियान समाप्त होगा, उसके बाद दोपहिया वाहन ड्राइवर फिर से उसी ढर्रे पर चलेंगे।
सीट बेल्ट न पहनने पर 35 हजार 595 चालान
सीट बेल्ट अब तक पुलिस ने बेल्ट न पहनने पर 35 हजार 595 गाड़ियों के चालान किए हैं। ओवरलोडिंग करने पर भी पुलिस कार्रवाई कर रही है। बसों समेत छोटे वाहनों पर ओवरलोडिंग के पुलिस ने 74 चालान किए हैं।