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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री की घोषणा को हो गए 6 महीने, एनएचएम की टेक्निकल कमेटी के पास दौरे का वक्त नहीं

3 वर्ष पहले
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पिछले साल विधानसभा चुनाव की घोषणा से भी पहले सोलन में मदर एंड चाइल्ड केअर सेंटर की घोषणा हुई। ये सेंटर 10 करोड़ की लगात से बनेगा। दो कराेड़ रुपए जारी भी हो चुके हैं। लेकिन अभी तक इस सेंटर का काम सिर्फ इसलिए शुरू नहीं हुआ क्योंकि इस सेंटर के निर्माण से पहले आने वाली नेशनल हेल्थ मिशन की टेक्निकल कमेटी के पास इतना वक्त नही है कि साइट पर दौरा करके काम शुरू करने की एप्रूवल दे।

नेशनल हेल्थ मिशन के स्पेशल सेक्रेटरी कम मेनेजिंग डायरेक्टर पंकज राय का जवाब इस अहम प्राेजेक्ट के लिए अफसरशाही की गैर जिम्मेदाराना कार्यशैली को सामने लाता है। पंकज राय कहते हैं कि अभी इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में ढाई साल का वक्त है। प्रदेश में और भी प्रोजेक्ट है। इसलिए एक एक प्रोजेक्ट पर टीम जाएगी।

तीन जिलों के लोगों को फायदा

जोनल अस्पताल सोलन पर जिला सोलन के अलावा जिला सिरमौर और शिमला की जनता स्वास्थ्य सुविधाओं की जिम्मेदारी है। इन तीन जिलों के लोग इलाज के लिए यहां आते हैं। लेकिन यह कब तक मदर एंड चाइल्ड केअर सेंटर बनेगा इसका कोई पता नहीं है। 10 करोड़ की लागत से बनने वाला यह आधुनिक मदर एंड चाइल्ड केअर सेंटर बनना ही शुरू नहीं हो रहा। मातृत्व एवं शिशु देखभाल केंद्र (एमसीएच) भवन का निर्माण अभी ठंडे बस्ते में है।

सोलन जोनल अस्पताल के समीप इस खाली पड़ी जमीन पर बनाया जा रहा है एमसीएच केंद्र।

क्यों अधर में भवन का निर्माण: अभी तक इसके लिए साइट सिलेक्शन कमेटी ने साइट को एप्रूवल दे दी है। साइट सिलेक्शन के बाद ही इसका नक्शा तैयार करने, एस्टीमेट बनाने की प्रक्रिया शुरु हो पाएगी। भवन का निर्माण कार्य अधर में लटका होने से यहां महिलाओं व शिशुओं को बेहतर सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। इस समय यहां लेबर रूम व प्रसूता महिलाओं के वार्ड अस्पताल के डी. ब्लॉक में हैं, जबकि शिशु वार्ड व एसएनसीयू बी. ब्लॉक में हैं। इससे कई बार प्रसूता महिलाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

एक ही जगह मिलनी हैं सभी सुविधाएं

क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के समीप बनने वाले एमसीएच भवन में प्रसूता महिलाओं के वार्ड, लेबर रूम, नवजात बच्चों के लिए स्पेशल केयर यूनिट, टीकाकरण समेत तमाम की सुविधाएं एक छत के नीचे मिलेगी। इसके लिए यहां 10 करोड़ रुपए की लागत से मातृत्व एवं शिशु केंद्र भवन का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। इस योजना को केंद्र से मंजूर हुए करीब एक वर्ष बीतने वाला है, लेकिन चयनित जमीन का अभी तक एनएचएम की टीम ने निरीक्षण नहीं किया।

सोलन अस्पताल में प्रस्तावित मातृत्व एवं शिशु केंद्र के निर्माण के लिए सरकार से 2 करोड़ रुपए की राशि मिल चुकी है। भवन के लिए चयनित जमीन को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की टेक्निकल कमेटी की अप्रूवल मिलना बाकी है। - डा. महेश गुप्ता, सीनियर एमएस, जोनल अस्तपताल, सोलन

भेज रहे हैं टीम: राय

नेशनल हेल्थ मिशन स्पेशल सेक्रेटरी कम एमडी पंकज राय का दावा है कि हिमाचल के अस्पतालों मेंं बनने वाले मैटरनल एंड चाइल्ड केअर सेंटर के लिए टेक्निकल कमेटी भेजी जा रही है। सोलन में भी शीघ्र टेक्निकल कमेटी विजिट करेगी। एमसीएच का ढाई वर्ष का प्रोजेक्ट है। इस प्रोजेक्ट को निर्धारित समय के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।

यहां बनना है भवन

एमसीएच का भवन क्षेत्रीय अस्पताल के समीप ही खाली जगह में ही बनाया जाना प्रस्तावित है। यहां अस्पताल के बाहर लगने वाली रेहड़ियों के पीछे अस्पताल की जगह खाली पड़ी है। अस्पताल प्रशासन ने यह जगह चयनित कर ली है।

विभाग के पास पड़ा है 2 करोड़

एमसीएच भवन बनाने के लिए अस्पताल प्रशासन को काफी समय पहले 2 करोड़ रुपए की किश्त मिल चुकी है, लेकिन यह पैसा कार्य शुरू न हो पाने के कारण अभी ऐसे ही पड़ा हुआ है। कई बार उच्चाधिकारियों को अवगत भी करवाया जा चुका है, अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

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