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5 साल बाद फिर उठी प्रशासनिक ट्रिब्यूनल को बंद करने की मांग

3 वर्ष पहले
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पूर्व कांग्रेस सरकार में बहाल किए गए प्रशासनिक ट्रिब्यूनल को दोबारा बंद करने की मांग शुरू हो गई है। मंगलवार को राज्य सचिवालय में राजकीय अध्यापक संघ की शिक्षा सचिव के साथ बैठक में ये मामला उठा। शिक्षकों ने सचिव से इसे बंद करने की मांग उठाई। पूर्व में जब भाजपा सत्ता में थी उस समय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल को बंद किया गया था। कांग्रेस ने सत्ता में आते ही इसे दोबारा बहाल किया।

ट्रिब्यूनल को बहाल करने के फैसले को लेकर कर्मचारी शुरू से ही दो धड़ों में बंटे हुए थे। सत्ता परिवर्तन के बाद एक बार फिर से इसे बंद करने की मांग उठना शुरू हो गई है। बैठक में सरकारी स्कूलों में तैनात शिक्षकों ने सरकार से रिटायरमेंट ऐज 58 से बढ़ाकर 62 साल करने की मांग उठाई। दोनों ही मसलों पर बैठक में विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में निदेशक प्रारंभिक शिक्षा मनमोहन सिंह, अतिरिक्त निदेशक उच्चतर शिक्षा एमएल आजाद, सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक आशीष कोहली सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। बैठक में शिक्षकों की 45 सूत्रीय मांगों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा प्रणाली को उसके मूल रुप में विभाग की वर्ष 2005 और 2006 में जारी हुई अधिसूचना के अनुसार लागू करना, पांचवें वेतन आयोग जो 1-1-2006 से लागू है के अनुसार टाईम स्केल देना, अध्यापकों की सेवानिवृत्ति आयु सीमा 62 वर्ष करना, पदोन्नति व नियमितीकरण पर नयी ग्रेड पे देना, पुरानी पैंशन योजना को दोबारा बहाल करना, अगले वेतन आयोग के लाभ जारी करना, सभी भत्तों को पंजाब व केंद्र सरकार के समान जारी करना प्रमुख थी।

टीचर्स ने रिटायरमेंट एज 58 साल से बढ़ाकर 62 साल करने की उठाई मांग

मुख्यमंत्री के साथ आयोजित करंे टीचरों की जेसीसी

संघ ने मांग उठाई कि टीचरों की जेसीसी मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित की जाए। इसके अलावा योग्य स्कूल अध्यापकों को कालेज कैडर में पदोन्नति दी जाए, पीजीटी शिक्षकों को प्रवक्ता पदनाम दिया जाए, सभी डीपीई को शारीरिक प्रवक्ता पदनाम दिया जाए। सर्वोच्च न्यायालय के समान काम समान वेतन फैसले को लागू करते हुए अनुबंध से नियमित अध्यापकों को उनकी अनुबंध पर नियुक्त की तिथि से वरिष्ठता लाभ सहित सभी वित्तीय लाभ दिए जाए, एक ही पद पर 15 वर्ष की नियमित सेवा उपरांत दो विशेष वेतन वृद्धियां देने की मांग रखी है।

इन मसलों पर भी हुई चर्चा| राजकीय अध्यापक संघ ने उच्च न्यायालय पंजाब व हरियाणा के आदेशानुसार 300 दिन अर्जित अवकाश के बाद बिना वित्तीय लाभ के जमा किया जाए, पीटीए, पैरा, पैट अध्यापकों को सशर्त नियमित करने की मांग की है।

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