सोलर रूफ टॉप योजना: अब मिलकर कर सकेंगे बिजली बचाने आैर कमाने का काम
ऊर्जा बचत और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार नई योजना लेकर आई है। हिम ऊर्जा की सोलर रूफ टॉप योजना में बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने इस योजना को कम्युनिटी बेस्ड बना दिया है। यानि पहले लोगों को सोलर रूफ टॉप लगाने के लिए खुद ही सारा खर्च वहन करना पड़ता था। अब सोसायटी या फिर गांव व शहर के कुछ लोग मिलकर इस योजना के तहत संयुक्त रूप से सोलर रूफ टॉप लगा सकेंगे। इसका मकसद प्रोजेक्ट लगाने की लागत को कम करना है। राज्य सरकार ने इस प्रोजेक्ट को लगाने के लिए आड़े आने वाले नियमों का भी सरलीकरण किया है। सरकार इसके लिए नेट मीटरिंग और एनओसी की प्रक्रिया को टाइम बाउंड करने जा रही है। ताकि लोग ज्यादा से ज्यादा इस योजना का लाभ उठा सके। सरकार ने इसके लिए 60 कंपनियों को अधिकृत किया है।
ग्रीन एनर्जी की दिशा में आगे बढ़ी सरकार, मुफ्त बिजली पाने के लिए कम्युनिटी बेस्ड रूफ टॉप योजना की शुरू
अपने लिए मुफ्त बिजली, बची बिजली बेचकर कमा सकेंगे पैसा
सोलर रूफ टॉप लगने के बाद जो बिजली पैदा होगी लोग अपने घरों के लिए उसका इस्तेमाल कर सकेंगे। कम्यूनिटी बेस्ड योजना होने से सभी लोगों के घरों को इसके कनेक्शन दिए जाएंगे। रूफ टॉप को नेट मीटरिंग से जोड़ा जाएगा। यानि जो भी बिजली बचेगी उसे राज्य बिजली बोर्ड खरीद लेगा। इसकी एवज में लोगों को पैसा दिया जाएगा।
मंत्री ने अपने घर से की शुरुआत, विधायकों को लिखा पत्र| सौर ऊर्जा के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा ने अपने घर पर सोलर रूफ टॉप प्लांट लगाने की शुरूआत की है। मंडी में बन रहे अपने नए घर पर वे उसकी छत्त पर वह 10 किलोवॉट का सोलर प्लांट लगाने जा रहे हैं। उन्होंने सभी विधायकों को पत्र भी लिखा है। इसमें अपील की गई है कि वह अपने अपने विधानसभा क्षेत्र में लोगों को इसके प्रति जागरूक करें। लोगों को बताए कि इस योजना के क्या फायदे है।
1 किलोवाट से पैदा होगी पांच यूनिट बिजली
सोलर पैनल के माध्यम से 1 से लेकर 10 किलोवॉट तक का प्लांट लगाया जा सकता है। एक किलोवॉट का प्लांट प्रतिदिन 5 यूनिट बिजली पैदा करता है। घर पर सौर ऊर्जा का उत्पादन कर बिजली बचाने और पैसा कमाने के लिए छत पर कम से कम 10 गुणा 10 फीट की जगह होनी चाहिए। घर पर छत नहीं है तो आस पास स्थित खाली प्लॉट पर भी इसे लगाया जा सकता है। घर की छत पर सोलर पावर प्लांट लगाकर बिजली पैदा करने वाले लोगों को केंद्र सरकार 70 फीसदी सब्सिडी देगी। छत पर एक किलोवाट का सोलर पावर प्लांट लगाने के इच्छुक लोगों को केवल 24 हजार रुपये खर्च करने होंगे। शेष राशि का खर्च नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय उठाएगा। हिम ऊर्जा के माध्यम से ये प्रोजेक्ट लगाए जाएंगे।
कम्युनिटी बेस्ड की योजना| ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा ने कहा कि सोलर रूफ टॉप योजना काफी पहले शुरू की गई है। लागत ज्यादा होने के चलते इसका रिस्पांस काफी कम आया है। योजना का रिव्यू करने के बाद इसे कम्यूनिटी बेस्ड बनाने का निर्णय लिया गया है। अपने घर से खुद इसकी शुरूआत की है।