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ओच्छघाट पंचायत के पाजो की तिल्लु देवी को आर्थिक मदद की दरकार

3 वर्ष पहले
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सोलन | सड़क दुर्घटना के कारण सोलन की ओच्छघाट पंचायत के पाजो गांव की तिल्लु देवी पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। एक साल पहले कार दुर्घटना में जवान बेटा 100 फीसदी अपंग हो गया और अब घर में एकमात्र कमाने वाले पति का एक्सीडेंट हो गया और वह आईजीएमसी शिमला में उपचाराधीन है। ऐसे में वह बिना पैसे के बेटे और पति का इलाज कैसे करें। 45 वर्षीय तिल्लु देवी ने प्रदेश की समाजसेवी संस्थाओं और मुख्यमंत्री से मांग की है कि उसकी आर्थिक मदद की जाए ताकि वह अपने पति व बेटे का इलाज करवा सकें। बीते साल एक कार दुर्घटना में बेटा 100 फीसदी अपंग हो गया था। अपंग हो चुके बेटे की सेवा के लिए मां को डेली वेज वर्कर की नौकरी छोडऩी पड़ी। वह नौणी यूनिवर्सिटी में डेली वेज वर्कर के रूप में काम करती थी, लेकिन बेटे की दुर्घटना के बाद काम नहीं जा सकी क्योंकि बेटे के पास एक व्यक्ति 24 घंटे चाहिए। पति हीरा सिंह ट्रक चलाकर घर के खर्चे पूरे करता था। वर्तमान में वह रोहड़ू की गाड़ी चला रहा था कि10 अप्रैल 2018 का रोहड़ू के समीप कार व ट्रक का एक्सीडेंट हो गया और वह आईजीएमसी शिमला में उपचाराधीन है। चार बच्चे और अब आय का कोई साधन नहीं है। ऐसे में सोलन के नौणी के साथ लगते पाजो गांव की तिल्लु देवी को आर्थिक मद्द की जरूरत है। वह शिमला में अपने पति की देखभाल करें या फिर घर पर 19 वर्षीय बेटे को देखें। इलाज के लिए 10 फीसदी ब्याज पर जो पैसे लिए हैं, जो अब खत्म हो चुके हैं। उसे कहीं से भी उम्मीद की किरण नजर नहीं आ रही है। तिल्लू देवी ने बताया कि मेरा बेटा मनोज (19 वर्ष) का 21 मार्च 2017 को सोलन के समीप अश्विनी खड्ड कार एक्सिडेंट हुआ था। पीजीआई चंडीगढ़ से उसका उपचार करवा रही हूं। माह में दो बार उसे पीजीआई ले जाना पड़ता है और उसका 10 हजार रुपए प्रतिमाह का खर्चा है। अब घर में एकमात्र कमाने वाला पति भी दुर्घटना के चलते आईजीएमसी में उपचाराधीन है।

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