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सड़कों, पूलों के कार्य आबंटन की औपचारिकताएं 51 दिन में करें पूरी

3 वर्ष पहले
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राज्य सरकार ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को बरसात से पहले प्रदेश की खराब सड़कों को दुरुस्त करने के आदेश जारी कर दिए है। इस संबंध में अधिकारियों को कार्य आवंटन तक की सभी औपचारिकताओं को 51 दिनों के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। यह आदेश मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियो के साथ हुई विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए जारी किए है। परियोजनाओं के आवंटन की प्रक्रिया में गति लाने के लिए ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया को अपनाने के लिए कहा गया है, ताकि परियोजनाओं के आवंटन में पारदर्शिता लाइं जा सके। सड़कों के निर्माण कार्य को लेकर वन विभाग से शीघ्र मंजूरी मिल सके इसके लिए मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण, राजस्व और वन विभाग के बीच उपयुक्त समन्वय स्थापित किए जाने को कहा। प्रदेश में वन स्वीकृतियों के कारण लटके प्रोजेक्टों का मामला सरकार शीघ्र केंद्र सरकार से उठाएगी, ताकि शेष बस्तियों और गांवों को संपर्क सड़कों से जोड़ा जा सके। सड़कों के निर्माण कार्य के लिए मुख्यमंत्री ने नियमित निगरानी और निरीक्षण किए जाने पर बल दिया।

गुणवत्ता को लेकर अधिकारियों की जिम्मेवारी तय: सड़कों की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए सरकार ने अधिकारियों की जिम्मेवारी तय कर दी गई है। उन्होंने कहा कि काम में कोताही बरतने वाले दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। निर्माण लागत कम करने के लिए सिविल और इलेक्ट्रिक दोनों कार्य साथ-साथ किए जाने पर बल दिया गया।

90 में से 58 ब्लैक स्पॉट्स किए दुरुस्त :मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सड़कों के निर्माण के दौरान ब्लैक स्पॉट्स को चिह्नित करने को कहा ताकि सड़क दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 90 ब्लैक स्पॉट्स में से 58 को दुरुस्त कर दिया गया है तथा शेष ब्लैक स्पॉट्स पर कार्य जारी है। सरकार ने पांच राष्ट्रीय राजमार्गों के संबंध में निविदा आधारित प्राकलन केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भेेज दिए हैं।

सड़कों की मरम्मत के लिए 200 करोड़ रुपए आबंटित: प्रदेश में सड़कों की देखभाल तथा मरम्मत के लिए 200 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। सड़कों पर जल निकासी सुविधाएं प्रदान करने के लिए 50 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि जारी की गई है। अधिकारियों को सीमित कार्यकाल के दृष्टिगत सड़कों की मेटलिंग तथा टारिंग कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। अतिरिक्त मुख्य सचिव मनीषा नंदा ने कहा कि प्रदेश में नई तकनीक, नई पहलों और नए जोश के साथ स्वयं में बदलाव लाने की आवश्यकता पर जोर दिया। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम से विश्राम गृहों में कार्यरत कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान करने का आग्रह किया।

निर्माण कार्यों को लेकर किसी प्रकार की ढील बर्दाश्त नहीं करेगी सरकार

प्रदेश में 600 नई वाहन योग्य सड़कों के निर्माण का लक्ष्य तय

राज्य सरकार ने इस वित्त वर्ष के दौरान 600 नई वाहन योग्य सड़कों के निर्माण, 750 किलोमीटर लम्बी सड़कों में क्रॉस जल निकासी की सुविधा प्रदान करने, 1100 किलोमीटर सड़कों की मेटलिंग एवं टारिंग, 35 पुलों का निर्माण तथा 40 गांवों को सड़क सुविधा प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके अलावा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 600 करोड़ रुपये लागत से 414 सड़क परियोजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसे प्रदेश की 150 बस्तियों को सड़क सुविधा से जोड़ा जाएगा। नाबार्ड के तहत 209 कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसमें शिमला अंचल में 77 कार्य, मंडी अंचल में 20, कांगड़ा अंचल में 70 तथा हमीरपुर अंचल में चार कार्य शामिल हैं।

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