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कल सतलुज में यहां होगी पहली बार अारती

3 वर्ष पहले
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बनाने की 6 यूनिट चलती हैं।

यह है डैम बनने की कहानी....

देश की सबसे बड़े अंडरग्राउंड (1500 मेगावाट) पनबिजली परियोजना नाथपा झाकड़ी का डैम है।

2003 में डैम तैयार किया, लेकिन इस डैम को बनाने के लिए सतलुज के तेज बहाव को मोड़ना पड़ा।

900 मीटर टनल बनाकर मोड़ा था बहाव| सतलुज के बहाव को तोड़ने के लिए डैम साइट के राइट बैंक की तरफ से 900 मीटर डाइवर्जन टनल बनाई गई थी। टनल से जब नदी का पानी बाहर निकला तब बांध का निर्माण हुअा।

डैम के साथ ही पहाड़ी के अंदर नीचे चार डिसिल्टिंग चैंबर बनाए गए हैं। जहां से करीब 436 क्यूमेक्स पानी छनकर 27 किमी लंबी टनल के माध्यम से झाकड़ी स्थित पॉवर हाउस तक पहुंचता है।

21 मई को नाथपा डैम के 31वें फाउंडर-डे पर पहली बार सतलुज नदी में इसी जगह आरती होने जा रही है।

172 किमी. दूर राजधानी शिमला से

1994 को किन्नौर जिले के नाथपा में डैम बनाने का काम शुरू हुआ था।

निगम ने फैडरेशन की मानी दो मांगें

सिटी रिपोर्टर | शिमला

नगर निगम प्रशासन और कर्मचारी फैडरेशन के बीच में चल रहा गतिरोध फिलहाल 15 दिनों के लिए टल गया है। निगम प्रशासन ने फैडरेशन की दो मुख्य मांगों को मान लिया है। फैडरेशन के अध्यक्ष रामकुमार ने बताया कि शनिवार को संयुक्त आयुक्त के साथ बैठक सफल रही । प्रशासन ने कर्मचारियों का देय आईआर रिलीज कर दिया है और एडीए की राशि को भी जारी कर दिया है। इसके लिए प्रशासन ने कर्मचारियों की दूसरी मुख्य मांग 4-9-14 के तहत जो 61 केस थे, उन्हें भी सही करना मान लिया है। रामकुमार ने कहा कि इन मांगों को पूरा करने के लिए प्रशासन ने कर्मचारियों के लिए 2.60 करोड़ की राशि को रिलीज कर दिया है। उन्होंने बताया कि कुछ कर्मचारियों के खाते में शेष राशि भी आ गई है, इसके लिए प्रशासन का आभार जताया है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि अब शेष 5 मांगों के लिए अभी फैडरेशन राष्ट्रपति के दौरे के दौरान और इसके बाद तक आंदोलन नहीं करेगी। 15 दिनों के बाद फिर से अपनी शेष मांगों को पूरा करवाने के लिए शांतिपूर्वक ढंग से प्रशासन के साथ बातचीत की जाएगी और कर्मचारियों को उनके सभी हक दिलवाए जाएंगे।

कर्मचारियों के एरियर के लिए 2.60 करोड़ रुपए किए जारी

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