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किराएदार थे आदित्य के किडनैपर, कोर्ट में चालान किया पेश

3 वर्ष पहले
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शिमला | हमीरपुर के सलासी से चार साल पहले किडनैप किए गए पांच साल के आदित्य के किडनैपर किराएदार ही थे। पॉलीग्राफ टेस्ट और फोन रिकॉर्ड से इसकी पुष्टि हुई है। आदित्य किडनैपिंग मामले में पुलिस ने उसके घर में ही रहने वाले विजय तोमर निवासी मुरैना, मध्यप्रदेश समेत एक नाबालिग को पकड़ा था। लेकिन अदालत में उनके खिलाफ पुलिस पुख्ता एविडेंस पेश नहीं कर पाई और उन्हें जमानत मिल गई। उस समय आरोपी हमीरपुर में ही एक निजी संस्थान से मैनेजमेंट की पढ़ाई कर रहा था। कोर्ट से जमानत मिलने पर आरोपी और नाबालिग छात्र यहां से अपने वतन चल गए। बाद में मामला जांच के लिए सीआईडी को सौंपा गया। सीआईडी ने मामले की लंबी तफ्तीश की। आरोपी का दिल्ली में पॉलीग्राफ टेस्ट कराया गया। उसके बाद सीआईडी ने आरोपियों का लेयर्ड वॉयस एनालिसिस कराया। यह लाई डिटेक्टर टेस्ट की एडवांस तकनीक है। इसमें पुष्टि हुई कि इस किडनैपिंग में इन दोनों का ही था। लेयर्ड वॉयस एनालिसिस ही नहीं, बल्कि फोन रिकार्ड से भी यह साबित हुआ है कि किडनैपिंग में इन्हीं का हाथ रहा है। किडनैपिंग में दोनों का हाथ होने की पुष्टि होने के बाद अब सीआईडी ने मामले में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की है। इसमें विजय तोमर मुख्य आरोपी है। किडनैपिंग के बाद आरोपी आदित्य को कहां ले गए और वह कहां है, इसके बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है। साइंटिफिक तौर पर भले ही सीबीआई दोनों के खिलाफ सुबूत जुटा चुकी है, लेकिन आदित्य कहां है, यह पता लगाना सीआईडी के लिए चुनौती है। 15 फरवरी 2015 को आदित्य गायब हुआ था।

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