रोहडू (शिमला) | जुब्बल वन परिक्षेत्र में सेब के हजारों सेब के पौधों को काटने के बाद अब वन विभाग ने 17 कब्जधारियों को वन भूमि पर बने मकानों को खाली करने के नोटिस जारी किए हैं। इस कार्रवाई से कब्जाधारियों में हडकंप मच गया है। किसान भूमि बचाओ संघर्ष समिति व किसान सभा ने डीएफओ कि इस कार्यशैली काे द्वेष पूर्ण करार दिया है।
नौतोड़ जमीन पर लगे सेब के बागीचों को काटने व हाईकोर्ट में कब्जाधारियों के झूठे आंकड़े पेश करने को लेकर विवादों में अाए डीएफओ रोहडू सीबी तहसीलदार ने जुब्बल के 17 कब्जाधारियों के खिलाफ मकान खाली करने के निर्देश जारी किए। डीएफओ ने उन तीन बागवानों को भी घर खाली करने के नोटिस दिए हैं जिनके बागीचों को काटने के बाद पूरी मुहिम ही सवालों के घेरे में आ गई है। बढाल निवासी ज्ञान चंद व सोहन लाल को तबादला व नौतोड़ के तहत मिली जमीन पर लगे सेब के बागीचे को काटने के बाद डीएफओ ने अब इनको भी मकान खाली करने के नोटिस जारी किए हैं। दो गरीब बागवानों की जमीन से सेब के बागीचों को काटने को लेकर डीएफओ रोहडू के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग कर रही किसान सभा ने डीएफओ द्वारा जारी नोटिसों को उनकी द्वेषपूर्ण मानसिकता व हाईकोर्ट से मिली छूट काे बागवानों को खौफजदा करने का तरीका बताया है। किसान सभा का कहना है कि बागवानों को अपने ही देश में शरणार्थी बनाने पर तुले डीएफओ के खिलाफ पुलिस व प्रशासन एफआईआर करने से बच रहे हैं। शेष | पेज 7 पर
इनको भेजे नोटिस
नरेश पुत्र गोविंद गांव बढाल, जोगिंद्र किमटा पुत्र राय सिंह गांव बढाल, शीशी राम पुत्र चैत राम गांव बढाल, सुरेंद्र पुत्र प्यारे लाल, बढाल, किशाेर चंद पुत्र प्यारे लाल बढाल, ज्ञान चंद पुत्र लच्छी राम गांव बढाल, नरेंद्र चौहान पुत्र लच्छी राम गांव धार, प्रीतम लाल पुत्र लच्छी राम गांव धार, राज पाल पुत्र पारस राम गांव धार, सावित्री प|ी स्व. यशोशर गांव धार, सोहन लाल गांव बेरली, गंगा राम पुत्र मोहिया राम गांव बेरली, कलम सिंह गांव धार, मोहिंद्र सिंह गांव धार, जवाला सिंह गांव धार, भोपिंद्र सिंह गांव धार को वन विभाग ने 15 दिनों के अंदर अपने मकानों को खाली करने के निर्देश जारी किए हैं।