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पेयजल संकट: सूखे की स्थिति पर सीएम ने तलब की रिपोर्ट

3 वर्ष पहले
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शिमला |प्रदेश में पेयजल संकट को लेकर सरकार ने अधिकारियों से रिपोर्ट तलब कर दी है। सरकार ने आईपीएच विभाग के अधिकारियों से योजना वार सूखे की रिपोर्ट देने को कहा है। सरकार जानना चाह रही है कि योजनाओं में पानी कम होने से कितना क्षेत्र और कितनी आबादी प्रभावित हुई है। सूखे की रिपोर्ट आने के बाद ही सरकार इससे निपटने के लिए आगे की रणनीति तैयार करेगी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की 25 मई को आईपीएच विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक प्रस्तावित है। इसे पहले यह समीक्षा बैठक आईपीएच मंत्री महेंद्र सिंह द्वारा 21 मई को प्रस्तावित थी लेकिन लेकिन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के प्रदेश दौरे को लेकर इस बैठ को आगे के लिए स्थगित कर दिया गया । अब यह बैठक मंत्री नहीं बल्कि खुद मुख्यमंत्री लेंगे और विभाग के कार्यों की समीक्षा करेंगे। इससे पहले मुख्यमंत्री लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा कर चुके है और अधिकारियों को काम का टारगेट दे चुके है।

कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में बनी स्कीमों की मांगी डिटेल

सीएम के साथ होने वाली बैठक का एजेंडा तैयार

आईपीएच विभाग के अधिकारियों की मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के साथ होने वाली बैठक का एजेंडा विभाग ने तैयार कर दिया है। इसमें हैंडपंपों की वास्तु स्थिति से लेकर एमएलए प्राथमिकी तक के सभी बिंदुओं को एजेंडे में शामिल किया गया है। सरकार विभाग से जानना चाह रही है कि प्रदेश में कितने हैंडपंप बंद पड़े है और कितने हैंडपंप खराब है।

कितने खराब हैंडपंपों को डिसमेंटल कर दिया गया है। नई सरकार बनने के बाद प्रदेश में कितने नए हैंडपंप लगाए गए है।

कितने हैंडपंपों से पानी लाल और पीला आ रहा है। नए हैंडपंपों को लगाने की आवश्यकता कहां है।

निरस्त हुई स्कीमों का भी लेंगे ब्यौरा| राज्य सरकार ने विभाग से पूर्व की कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में बनी पानी और सिंचाई की स्कीमों की भी डिटेल मांग ली है। सरकार विभाग से जानना चाहती है कि वर्ष 2013 से लेकर आज तक कितनी स्कीमें बनाई गई सरकार ने चुनाव क्षेत्र वार इसका ब्योरा मांग लिया है। सरकार विभाग से जानना चाह रही है कि विधायक प्राथमिकी की कितनी योजनाओं की डीपीआर कार्यालयों में अटकी हुई है। विधायक प्राथमिकी के तहत मंजूर डीपीआर की डिटेल सरकार ने चुनाव क्षेत्रवार मांग लिया है। सरकार ने वर्ष 2010 से इसकी रिपोर्ट देने को कहा है। प्रदेश में बंद पड़ी विभाग की स्कीमों की पूरी जानकारी मांगी गई है। सरकार जानना चाह रही है कि ऐसी कितनी स्कीमें है जिन पर 75 प्रतिशत तक काम हो चुका है उन उन स्कीमों को पूरा करने में कितने बजट की आवश्यकता है। ब्रिस्क परियोजना के तहत बनाई की डीपीआर का विधानसभा क्षेत्रवार ब्योरा देने को कहा गया है।

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