राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की प|ी सविता कोविंद सोमवार शाम को पौने छह बजे मालरोड चर्च तक गाड़ी से पहुंची। इसके बाद वह अपनी बेटी स्वाति सहित परिवार के सदस्यों के साथ क्राइस्ट चर्च से चहल कदमी करते हुए मालरोड से होते हुए बैंटनी कैसल पहुंची। इस दौरान भाषा संस्कृति विभाग के पदाधिकारी भी उनके साथ उपस्थित रहे। बैंटनी कैसल पहुंचने पर उन्होंने भाषा कला संस्कृति विभाग की ओर से लगाए गए ग्रामीण शिल्प मेले में प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
इससे पूर्व भाषा कला एवं संस्कृति विभाग की सचिव डॉ.पूर्णिमा चौहान, निदेशक रुपाली ठाकुर ने मुख्यातिथि का स्वागत किया। मुख्यातिथि ने किन्नौरी शॉल,कुल्लवी शॉल सहित लकड़ी और पत्थरों से बनाए गए अदभुत डिजायनों में बनाई आकृतियों की सराहना की। डॉ.पूर्णिमा चौहान ने बताया कि पांच दिवसीय मेला समापन हो गया। उन्होंने कहा कि आज पुरानी राहों से, यहां आए विभिन्न शिल्पकारों और चित्रकारों को अपनी प्रदर्शनी को दिखाने का मौका मिला।इसके अलावा प्रदर्शनी में आए जिला मंडी के शिल्लीबागी सराज के धातु शिल्पकार गगनदीप ने कहा कि पहली बार कमल आसन के 12 पीस बनाकर शिमला लाए थे जिसकी डिजाइनिंग निर्वाणा मेटल हैंडीक्राफ्ट के तकनीकी डिजाइनर वेदराम ने की थी।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की प|ी सविता कोविंद प्रदर्शनी में रखीं चीजें देखती।