कसौली घटना पुलिस के कामकाज में थी गलती, भविष्य में ऐसा न हो: सीएम
गृह विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर।
सिटी रिपोर्टर | शिमला
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि कसौली घटना पुलिस के कामकाज में एक गलती थी। भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हो, इसके लिए पुलिस को कार्यप्रणाली में सुधार करना होगा। मंगलवार को सचिवालय में गृह विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने नशा, मोटर वाहन अधिनियम, महिलाओं की सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी पुलिस को दिए। उन्होंने कहा कि ड्रंक ड्राइविंग पर लाइसेंस रद्द करने चाहिए। हादसे की दृष्टि से संवेदनशील सड़कों पर ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर उनमें सुधार करना चाहिए। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिए कि दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने के लिए विशेष ड्राइव लांच करें। उन्होंने कहा कि पुलिस बल को एक गैर पक्षपातपूर्ण, नैतिक और वैध तरीके से लोगों की सेवा करनी चाहिए। इससे जनता का विश्वास जीता जा सकता है।
उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता अभियान शुरू करें और बच्चों को नशीली दवाओं के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करें। अभियान को सफल बनाने के लिए स्थानीय निकाय पंचायत, महिला मंडल और गैर सरकारी संगठनों का भी सहयोग लें। उन्होंने होशियार हेल्पलाइन को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया। ताकि खनन, नशीली दवाओं के दुरुपयोग और वन माफिया के मामलों का सामना किया जा सके। राज्य में अपराध से निपटने में नवीनतम तकनीक का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना चाहिए। मुख्य सचिव विनीत चौधरी ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि पुलिस विभाग जनता के बीच अपनी विश्वसनीयता बहाल करने के लिए समर्पण के साथ काम करेगा। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह बीके अग्रवाल भी मौजूद रहे। डीजीपी एसआर मरडी ने सीएम को आश्वस्त करते हुए कहा कि 15 दिनों के भीतर पुलिस बल को और अधिक कुशल बनाने के बारे में एक रोडमैप बनेगा।
जुब्बल में नायब तहसीलदार के घेराव के बाद सीएम ने ली बैठक
शिमला | मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हाईकोर्ट के आदेशों के मुताबिक कार्रवाई अमल में लाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने जुब्बल में नायब तहसीलदार के कार्यालय में हुए घेराव पर रिपोर्ट तलब की। इसमें अधिकारियों ने बताया कि इस पूरे मामले में दस बीघा से ज्यादा वाले कब्जाधारियों पर ही कार्रवाई की जा रही है। किसी भी छोटे बागवानों को तंग नहीं किया जा रहा है। सीएम ने हाईकोर्ट के आदेशों के पांच बीघा से कम वाले कब्जाधारियों पर कार्रवाई न करने की बात कहीं। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव वन, प्रधान सचिव विधि से लेकर राज्य सरकार के अन्य आला अधिकारी मौजूद रहे। राज्य सरकार ने अनुबंध पर तीन साल का कार्यकाल पूरा करने पीजीटी आैर टीजीटी शिक्षकों का रिकार्ड मंगवा लिया है। इन्हें विभाग की आेर से नियमित किया जाना है। उच्च शिक्षा आैर एलीमेंटरी शिक्षा दोनों ही विभागों की आेर से इसके लिए पत्र जारी कर दिए हैं। राज्य सरकार ने 31 मार्च को तीन साल का कार्यकाल पूरा करने वाले अनुबंध कर्मचारियों को नियमित करने का फैसला लिया है। इसे फैसले के तहत विभाग ने जिला उप निदेशकों से रिकार्ड मांग लिया है।