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अंग्रेजों के जमाने की तरह यूएस क्लब में फिर बनेगा ऑफिसर्स क्लब, यहां चल रहे दो ऑफिस होंगे शिफ्ट
अफसरों के लिए दिन भर की थकान के बाद फुर्सत का वक्त बिताने के लिए शिमला में फिर से ऑफिसर्स क्लब शुरू होगा। अंग्रेजों के जमाने में यूएस क्लब में बना ऑफिसर्स क्लब अब दोबारा से पुराने अंदाज में दिखेगा। यूएस क्लब की हेरिटेज बिल्डिंग में इस क्लब को दोबारा चलाने की तैयारी चल रही है। पहले से बनी यूनाइटेड सर्विसेज ऑफिसर्स इंस्टीट्यूट सोसायटी इस क्लब को चलाएगी। इस सोसायटी में आईएएस अधिकारियों के साथ ऑडिट, इनकम और एक्साइज टैक्स के अलावा सीबीआई, सीपीडब्ल्यूडी के अफसर आ सकेंगे।
दो साल पहले हुआ था फैसलाः 2016 में राज्य मंत्रिमंडल में यह फैसला हुआ था। इसमें निर्णय लिया गया था कि राज्य सरकार अपनी इस प्रॉपर्टी को ऑफिसर सोसायटी को लीज पर देगी। उसके बाद इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। अब भाजपा सरकार के सत्ता संभालते ही अधिकारियों ने इस प्रॉपर्टी पर ऑफिसर क्लब चलाने के लिए कवायद तेज कर दी है। शुक्रवार को राज्य सचिवालय में इस सोसायटी की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव आैर सोसायटी के अध्यक्ष विनीत चौधरी ने की। इसमें आईएएस अधिकारियों के अलावा सोसायटी के अन्य सदस्यों ने भाग लिया। बैठक में इस मसले पर विस्तृत चर्चा की गई। यूएस क्लब के भवन में मौजूदा समय में राज्य लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) का नेशनल हाइवे विंग और सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग (आईपीएच) का मुख्यालय है। इन दोनों ही विभागों के नए भवन तैयार हो रहे हैं। दोनों भवनों के शिफ्ट हो जाने के बाद यह बिल्डिंग पूरी तरह खाली हो जाएगी। जिस के बाद इस बिल्डिंग को सोसायटी को दिया जाएगा।
ये है यूएस क्लब का अतीत ब्रिटिश हुकूमत में कभी यूनाइटेड सर्विस क्लब (यूएस क्लब) के नाम से मशहूर यूएस क्लब आज भी अपने नाम की तरह विशेष पहचान रखता है। मालरोड से मात्र 20 मीटर की दूरी पर स्थित है। ब्रिटिश काल में यूनाइटेड सर्विस क्लब की अपनी अलग भूमिका थी। मनोरंजन क्लब के साथ यहां मीटिंग हॉल भी थे। जहां पर एक साथ बैठकर रणनीति भी बनाते थे। अंग्रेज अधिकारी और उनके परिवार के सदस्य बग्गियों में बैठकर यहां पहुंचते थे। यूएस क्लब में शुरुआत से ही लकड़ी के मकान बने हैं, जो आज भी मौजूद हैं। बदले जमाने के साथ लकड़ी की कारीगरी अब कम हो चुकी है, मगर ऐतिहासिक इमारतें यहां पर मौजूद हैं। पर्यटन विभाग द्वारा शिमला हेरिटेज म्यूजियम ऐतिहासिक भवन में बनाया गया है, जहां पर ब्रिटिश हुकूमत की यादें ताजा हो जाती हैं।
क्यों लिया फैसला शिमला में आर्मी के ऑफिसर्स के अलावा इलीट क्लास के लिए अंग्रेजों के जमाने का एमेच्योर ड्रेमेटिक क्लब गेयटी थिएटर में पहले से चल रहा है। लेकिन आल इंडिया सर्विसेज के अफसरों के लिए ऐसी कोई जगह नही थी। इन अफसरों में मिलने जुलने या फैमिली गेदरिंग के लिए अपनी कोई जगह नहीं है। इसलिए ही ये क्लब शुरू करने का फैसला लिया गया है। अंग्रेजी हुकूमत के समय तत्कालीन आला अधिकारी अहम फैसलों की रुप रेखा यहीं तैयार किया करते थे। आला अधिकारी यहां पर रोजाना पहुंचते थे आैर काम की व्यस्तता से समय निकाल कर रूटीन की चर्चा करते थे।
नहीं मिलती थी महिलाओं को मेंबरशिप अंग्रेजों ने वर्ष 1844 में यूएस क्लब शुरू किया था। स्थापना के शुरूआत में यह क्लब में केवल आर्मी ऑफिसर के लिए आरक्षित था। महिलाओं को इस क्लब की मेंबरशिप भी नहीं दी जाती थी। 1890 में इस क्लब में सदस्यता सेना के अलावा अन्य अधिकारियों को भी दी जाने लगी। इसी दौरान महिलाओं को भी क्लब की मेंबरशिप मिली थी।