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उद्योग मंत्री ने केंद्र से किया योजनाएं मंजूर करने का आग्रह

3 वर्ष पहले
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उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने केंद्रीय कपड़ा उद्योग मंत्री स्मृति ईरानी से दिल्ली में मुलाकात की। उन्होंने केंद्र सरकार के पास हिमाचल की लंबित परियोजनाओं की शीघ्र स्वीकृतियां प्रदान करने और विभिन्न योजनाओं के तहत धनराशि जारी करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि मंत्रालय को शिल्पकारों व बुनकरों के कौशल उन्नयन और प्रशिक्षण के लिए 21 परियोजनाएं भेजी गई हैं, जिनमें से 11.80 लाख रुपये की केवल छह परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। जबकि 15 परियोजनाएं अभी भी लम्बित हैं। उन्होंने कहा कि 56 लाख रुपये की राशि की कुल्लू के अखाड़ा बाजार की 96 बुनकरों से जुड़ी एक परियोजना की स्वीकृति की भी प्रतीक्षा की जा रही है। उद्योग मंत्री ने कहा कि 49 तकनीकी कार्यक्रमों के लिये 1.32 लाख रुपये की (50 प्रतिशत) राशि जारी की गई है तथा 50 प्रतिशत की राशि जारी की जानी शेष है। उन्होंने कहा कि आठ प्राथमिक बुनकर समितियों के विपणन प्रस्तावों/दावों के अंतर्गत 2.02 करोड़ रुपये की राशि पिछले तीन वित्त वर्षों से लंबित है। उद्योग मंत्री ने केंद्रीय मंत्री से मंडी, कुल्लू और कांगड़ा जिलों के लिये तीन और क्लस्टर स्वीकृत करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राज्य के बुनकरों के लिये दो क्लस्टर्स स्वीकृत किए गए हैं और प्रत्येक के लिये 96.25 लाख रुपये की राशि का प्रावधान है। बिक्रम सिंह ने केंद्रीय मंत्री को अवगत करवाया कि वर्तमान में राज्य के चंबा, कागड़ा, कुल्लू, सोलन, मण्डी तथा बिलासपुर जिलों में राज्य हस्तशिल्प एवं हथकरघा निगम द्वारा नौ प्रशिक्षण केंद्र चलाए जा रहे हैं। 1.32 करोड़ की केन्द्रीय सहायता से संचालित इन केन्द्रों में 360 हस्तशिल्प कारीगरों को हाथ से कढ़ाई, धातु शिल्प, शॉल बुनाई, चमड़ा कारीगरी, काश्त कला और कढ़ाई व बुनाई का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। उद्योग मंत्री ने केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से भी मुलाकात की और कौशल विकास के तहत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।

उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने केंद्रीय कपड़ा उद्योग मंत्री स्मृति ईरानी से मुलाकात की।

भास्कर न्यूज | शिमला

उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने केंद्रीय कपड़ा उद्योग मंत्री स्मृति ईरानी से दिल्ली में मुलाकात की। उन्होंने केंद्र सरकार के पास हिमाचल की लंबित परियोजनाओं की शीघ्र स्वीकृतियां प्रदान करने और विभिन्न योजनाओं के तहत धनराशि जारी करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि मंत्रालय को शिल्पकारों व बुनकरों के कौशल उन्नयन और प्रशिक्षण के लिए 21 परियोजनाएं भेजी गई हैं, जिनमें से 11.80 लाख रुपये की केवल छह परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। जबकि 15 परियोजनाएं अभी भी लम्बित हैं। उन्होंने कहा कि 56 लाख रुपये की राशि की कुल्लू के अखाड़ा बाजार की 96 बुनकरों से जुड़ी एक परियोजना की स्वीकृति की भी प्रतीक्षा की जा रही है। उद्योग मंत्री ने कहा कि 49 तकनीकी कार्यक्रमों के लिये 1.32 लाख रुपये की (50 प्रतिशत) राशि जारी की गई है तथा 50 प्रतिशत की राशि जारी की जानी शेष है। उन्होंने कहा कि आठ प्राथमिक बुनकर समितियों के विपणन प्रस्तावों/दावों के अंतर्गत 2.02 करोड़ रुपये की राशि पिछले तीन वित्त वर्षों से लंबित है। उद्योग मंत्री ने केंद्रीय मंत्री से मंडी, कुल्लू और कांगड़ा जिलों के लिये तीन और क्लस्टर स्वीकृत करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राज्य के बुनकरों के लिये दो क्लस्टर्स स्वीकृत किए गए हैं और प्रत्येक के लिये 96.25 लाख रुपये की राशि का प्रावधान है। बिक्रम सिंह ने केंद्रीय मंत्री को अवगत करवाया कि वर्तमान में राज्य के चंबा, कागड़ा, कुल्लू, सोलन, मण्डी तथा बिलासपुर जिलों में राज्य हस्तशिल्प एवं हथकरघा निगम द्वारा नौ प्रशिक्षण केंद्र चलाए जा रहे हैं। 1.32 करोड़ की केन्द्रीय सहायता से संचालित इन केन्द्रों में 360 हस्तशिल्प कारीगरों को हाथ से कढ़ाई, धातु शिल्प, शॉल बुनाई, चमड़ा कारीगरी, काश्त कला और कढ़ाई व बुनाई का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। उद्योग मंत्री ने केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से भी मुलाकात की और कौशल विकास के तहत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।

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