ड्रंक एंड ड्राइव की तो छह माह के लिए लाइसेंस रद्द
प्रदेश में शराब पीकर वाहन चलाने पर अब सख्ती की जाएगी। शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले ड्राइवर का लाइसेंस रद्द किया जाएगा। हालांकि, मोटर व्हीकल एक्ट में यह प्रावधान पहले से है, लेकिन अभी इसका सख्ती से पालन नहीं हो पा रहा है। राज्य में बढ़ते सड़क हादसों की एक बड़ी वजह ड्राइवरों का शराब पीकर वाहन चलाना भी है। डीजीपी ने सभी जिलों के एसपी को निर्देश जारी किए हैं कि शराब पीकर वाहन चलाने वाले ड्राइवरों के लाइसेंस अभियोजकों, मजिस्ट्रेट्स और आरटीओ के समन्वय से मोटर व्हीकल एक्ट के प्रावधानों के मुताबिक रद्द करवाए जाएं। शराब पीकर वाहन चलाते पकड़े गए ड्राइवर का लाइसेंस कम से कम छह माह के लिए रद्द हो सकता है। इसके अलावा एक्ट में जुर्माना के साथ ही सजा का भी प्रावधान है। सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के मकसद से डीजीपी ने जिलों के एसपी को शराब पीकर वाहन चलाने वाले ड्राइवरों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई के ताजा निर्देश जारी किए हैं। हिमाचल में सड़क हादसों में हर साल बढ़ोतरी हो रही है। हादसों में कई अनमोल जिंदगियां मौत के मुंह में समा जाती है और सैकड़ों लोगों को उम्र भर का दर्द मिलता है। खराब सड़कें, ओवर स्पीड और शराब पीकर वाहन चलाना अब तक हुए हादसों की बड़ी वजहें बनकर सामने आई है। खासकर छोटे वाहनों के हादसों में शराब अधिक वजह रही है।
सख्ती
डीजीपी ने सभी एसपी को दिए निर्देश, शराबी ड्राइवरों पर रखें नजर, बढ़ते हादसों की वजह बन रही शराब पीकर गाड़ी चलाना
100 दिन के प्लान में अब तक 1332 चालान हिमाचल में शराब पीकर वाहन चलाने वालों की कमी नहीं हैं। सड़क हादसों में कमी लाने के लिए पुलिस की ओर से छेड़े गए 100 दिन के एक्शन प्लान में अब तक 1332 शराब ड्राइवर पकड़े गए हैं और उनके चालान किए गए। विशेष अभियान में इतने ड्राइवर शराब पीकर पाए गए हैं तो अगर पुलिस साल भर इस तरह का अभियान चलाए तो इनकी संख्या कितनी होगी। अब पुलिस ने शराबी ड्राइवरों से सख्ती से निपटने का फैसला लिया है तो आने वाले दिनों में सुधार की उम्मीद की जा सकती है। जो ड्राइवर नहीं सुधरा, तो उसे कार्रवाई का सामना करना ही होगा।
अपनी जान के साथ दूसरों की परवाह नहीं 100 दिन के एक्शन प्लान के तहत अब तक पुलिस ने रैश ड्राइविंग के 3275 चालान किए हैं। जबकि गाड़ी चलाते हुए मोबाइल फोन सुनने पर 2215 चालान किए गए। रैश ड्राइविंग और गाड़ी चलाते समय मोबाइल सुनना न केवल ड्राइवरों बल्कि सवारियों की जान के लिए भी घातक है। इतनी बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आने से साफ है कि ड्राइवरों को अपनी जान के साथ दूसरों की भी परवाह नहीं है।
लाइसेंस दोबारा तो बनेगा, पर इंतजार करना पड़ेगा हालांकि, शराब पीकर गाड़ी चलाते पकड़े जाने पर लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द नहीं होगा। एक्ट के प्रावधान के अनुसार कम से कम छह माह के लिए लाइसेंस रद्द होगा। यह अवधि खत्म होने के बाद बाद ही ड्राइवर नया लाइसेंस बनवा पाएगा। बेहतर यही है कि अगर इस कार्रवाई से बचना है तो शराब पीकर वाहन कभी न चलाएं। इसमें सवारियों की ही नहीं, बल्कि ड्राइवर की भी भलाई है।