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जल प्रबंधन निगम लिमिटेड बनाए जाने का सीपीएम ने किया विरोध, बढ़ेगा आर्थिक बोझ
सीपीएम नगर निगम शिमला व प्रदेश सरकार के द्वारा शिमला शहर व इसके साथ लगते क्षेत्रों में पेयजल जलापूर्ति करने के लिए बनाई गई कंपनी शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड के गठन का विरोध करते हुए इस निर्णय को तुरंत वापस लेने की मांग की है। पूर्व मेयर संजय चौहान ने कहा कि बीजेपी शासित नगर निगम शिमला व प्रदेश सरकार एक बार फिर से शिमला शहर की जनता को नगर निगम द्वारा उपलब्ध करवाया जा रहे पेयजल को निजी हाथों में देने की तैयारी कर रही हैं। इससे शहर की जनता विशेष तौर पर शहरी गरीब व मेहनतकश जनता पर आर्थिक बोझ पड़ेगा और इस महंगाई के दौर में उनका जीवन यापन करना मुश्किल हो जाएगा। इससे पूर्व वर्ष 2012 में भी कांग्रेस शासित नगर निगम व बीजेपी की प्रदेश सरकार ने शिमला शहर की पेयजल आपूर्ति को निजी क्षेत्र की कंपनी को देने की पूरी तैयारी कर दी थी तथा इसके लिए टेंडर कर कंपनी भी चयनित कर दी गई थी। टेंडर की शर्तों के अनुसार पेयजल आपूर्ति के निजी कंपनी के पास जाते ही पानी की दरों में कई गुणा वृद्धि और कर्मियों की छंटनी होनी थी।