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कर्मचारियों का नहीं ईसी में नुमाइंदा, 24 मार्च को कार्यकाल हो गया पूरा

3 वर्ष पहले
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हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी की सर्वोच्च संस्था एग्जिक्यूटिव काउंसिल और कोर्ट में अब कर्मचारियों का नुमाइंदा नहीं है। पिछले महीने 24 मार्च को ईसी सदस्य राजकुमारी व कोर्ट सदस्य कुलदीप कुमार का कार्यकाल पूरा होने के बाद ये जगह खाली पड़े हुए है। अब ईसी की बैठक में कर्मचारियों की मांगाें को उठाने वाला कोई नहींं है। एचपीयू कर्मचारी समिति के प्रेस सचिव नागेंद्र गुप्ता का कहना है कि प्रशासन ईसी के चुनाव की तारीख घोषित नहीं कर रहा है। इस वजह से उनकी मांगों को ईसी में कोई नहीं उठा रहा है। कर्मचारी पदोन्नतियों का इंतजार कर रहे हैं लेकिन ईसी की बैठक इस मांग को उठाने वाला नुमाइंदा ही नही है। गुप्ता का दावा है कि अगर ईसी की मीटिंग होती है तो यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों को अपग्रेडेशन मिल सकती है। अधिकारियों के पदोन्नति का मामला भी ईसी की बैठक में जाना है।

कर्मचारियों ने कहा चुनाव करवाए प्रशासन

इस तरह चुने जाते हैं ईसी मेंबर सत्ता में आने वाली सरकार अपने चार नुमाइंदे ईसी में भेजती हैं। ये वर्तमान व पूर्व विधायक हो सकते हैं। सांसद को भी ईसी मेंबर बनाया जा सकता है। ये सरकार की इच्छा पर है कि वह किसे ये जगह दे। सरकार के वित्त अधिकारी, उच्च शिक्षा विभाग के निदेशक भी ईसी व कोर्ट के सदस्य होते हैं। एचपीयू के वीसी ईसी के अध्यक्ष हैं। सरकार की ओर से चार सदस्य ईसी में आैर दो सदस्य कोर्ट में भेजे जाते है। एचपीयू के कर्मचारियों का एक सदस्य कर्मचारियों के चुने जाने के बाद ईसी में जाता है। इसके लिए वोटिंग होती है, जिसमें सैकड़ों कर्मचारी मतदान करते हैं।

इसलिए जरूरी है ईसी सदस्य विवि में कर्मचारियों के चुनावों में ईसी और कोर्ट सदस्यों का चुनाव सबसे महत्त्वपूर्ण होता है। इसमें कर्मचारी ऐसे दो प्रतिनिधियों का चयन करते हैं, जो कर्मचारियों से जुड़ी मांगों को सीधे सरकार के समक्ष उठा सकते हैं। ऐसे में इन चुनावों के लिए सभी कर्मचारियों के वोट बेहद महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ईसी व कोर्ट सदस्य के चुनाव में विवि के प्रत्येक चतुर्थ श्रेणी से लेकर अधिकारी वर्ग तक के कर्मचारी मतदान कर ईसी और कोर्ट सदस्यों का चयन करते हैं। वहीं, रजिस्ट्रार केके शर्मा का कहना है कि ईसी के चुनाव जल्द करवाए जाएंगे।

ईसी चुनाव में भी बने हुए है तीन गुट एचपीयू के कर्मचारियों में तीन गुटों में मुकाबला होता है। विवि में बीते वर्ष ईसी और कोर्ट सदस्यों के चुनावों में कर्मचारियों ने विवि कल्याण संघ से महिला उम्मीदवार राजकुमारी को जिताया था, तो वहीं कोर्ट सदस्य के रूप में विवि सर्व कर्मचारी कल्याण संघ से कुलदीप कुमार को चुना था। ऐसे में इस बार भाजपा की सरकार होने के चलते इससे समर्थित कर्मचारी जल्द से जल्द चुनाव करवाने की मांग कर रहे हैं। भाजपा, कांग्रेस और माकपा जैसे राजनीतिक दल भी इस चुनाव पर विशेष नजर रखते हैं।

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