पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • ८ वर्ष में तीसरी सरकार, क्या अबकी बार बन पाएगा एचपीयू का घणाहट्टी में कैंपस

८ वर्ष में तीसरी सरकार, क्या अबकी बार बन पाएगा एचपीयू का घणाहट्टी में कैंपस

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
करीब आठ साल पहले हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी के कैंपस विस्तार की योजना तैयार हुई। जरूरत इसलिए पड़ी क्योंकि समरहिल में अब एचपीयू के एक्सपेंशन के लिए जगह नही बची। बढ़ती जरूरत और प्रतिस्पर्धा के बीच एक्सपेंशन जरूरी था। लिहाजा एचपीयू के एक्सपेंशन की खातिर 2011 में घणाहट्टी में कैंपस बनाने को मंजूरी मिली, लेकिन अब तक तीन सरकारें बदलने के बाद भी एचपीयू के एक्सपेंशन के लिए जगह नहीं मिल रही। वजह भी कोई बड़ी नहीं लेकिन सरकारों और यूनिवर्सिटी प्रशासन के अफसरों की वजह ये काम नहीं हो रहा। 2015 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने 140 बीघा जमीन एचपीयू को ये कैंपस बनाने के लिए दे दी थी। लेकिन अभी तक प्रदेश सरकार के फॉरेस्ट डिपार्टमेंट से ही ये कैंपस बनाने के लिए क्लियरेंस नहीं मिली। एचपीयू के वीसी प्रो. राजेंद्र सिंह चौहान का कहना है क्लियरेंस लेने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जैसे ही क्लियरेंस मिलेगी काम शुरू हो जाएगा। इस मामले को फिर से सरकार के सामने उठाया जाएगा।

एचपीयू में 29 विभाग हैं। अभी तक भी विभागों का विस्तार नहीं हुआ हैं। प्रोफेशनल कोर्सिस कम होने की वजह से प्रदेश के स्टूडेंट बाहरी राज्यों की यूनिवर्सिटी का रूख कर रहे हैं। कैंपस में जगह कम होने के कारण विवि प्रशासन भवन निर्माण नहीं कर पा रहा है। जो जमीन अब एचपीयू को सरकार ने दी थी, उसमें क्लीयरेंस का पेंच फंसा हुआ हैं। इस कारण प्रशासन के सामने सबसे बड़ी मुश्किलें यह है कि किस तरह से कैंपस विस्तार को बढ़ावा दिया जा सके।

इसलिए बनना है घणाहट्टी कैंपस| घणाहट्टी कैंपस को बनाने का मकसद ये था कि एचपीयू में नए डिपार्टमेंट के साथ सुविधाओं को भी शुरू किया जाए। एचपीयू बनने के बाद कैंपस में एक्सपेंशन के लिए अब जगह नहीं बची है। पिछले एक दशक में कैंपस में हुई कंस्ट्रक्शन के बाद अब घणाहट्टी में ही एक्सपेंशन के लिए जगह बची है। समरहिल में जहां अभी विवि का कैंपस है, वहां की जमीन कुछ एमसी के नाम है और कुछ प्राइवेट लोगों के नाम हैं। ऐसे में यहां कैंपस विस्तार संभव नही है।

एचपीयू में बढ़ गए 4 हजार स्टूडेंट्स | वर्ष 2000 में जहां छात्रों की संख्या तीन हजार थी। अब ये सात हजार के करीब पहुंच गई है। हालांकि, एचपीयू का वर्तमान कैंपस काफी फैला हुआ है, लेकिन जगह की कमी के कारण विवि प्रशासन नए भवन नहीं बना पा रहा हैं। इक्डोल में पढ़ाई करने वाले छात्र अभी पुराने भवन में ही पढ़ाई करने को मजबूर हैं। जो भवन भी विवि में बने हैं, वह भी दूसरे की जमीन पर बना हुअा हैं। इस कारण इस पर विवाद भी बना हुआ है।

प्रोफेशनल कोर्सेज शुरू करने की योजना|प्रशासन द्वारा इस नए कैंपस में प्रोफेशनल और जॉब ओरिएंटेड कोर्स चलाए जाने की योजना है। इसके तहत बीबीए, बीसीए, बीएड और लॉ के अलावा अन्य जॉब ओरियंटेड कोर्स भी विवि इस नए कैंपस के भवन में चलाकर इनसे जुड़ी हर सुविधा छात्रों को मुहैया करवाना है।

खबरें और भी हैं...