निगम के टैक्स आैर लीज मनी के भुगतान को लेकर फंसी पीसीसी
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी की बैठक 21 अप्रैल को आयोजित होगी। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू करेंगे। पार्टी मुख्यालय राजीव भवन में आयोजित होने वाली इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस कमेटी सदस्य, जिला अध्यक्ष और ब्लॉक अध्यक्ष भाग लेंगे। बैठक में 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों की तैयारियों से लेकर पार्टी को मजबूत करने पर चर्चा की जाएगी। बैठक में सबसे अहम मसला कांग्रेस पार्टी के पास फंड की कमी होना रहेगा। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस पार्टी का खजाना पूरी तरह खाली हो चूका है। पार्टी के पास अपने रूटीन के खर्चे चलाने के लिए भी पैसे नहीं बचे हैं। इस महीने कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन की लीज मनी और प्रॉपर्टी टैक्स चुकाने के लिए 4.30 लाख चाहिए। शिमला के कार्ट रोड़ पर स्थित पीसीसी के राज्य मुख्यालय की 1.30 लाख लीज मनी व 3 लाख प्रॉपर्टी टैक्स देय हो जाएगा। पार्टी की वित्तीय हालत इस कद्र खराब हो चुकी है कि इस देनदारी को चुकता करने के लिए भी बजट का अभाव है।
विधायकों, पीसीसी पदाधिकारियों से लगाएंगे फंड की गुहार
कांग्रेस पार्टी कई बार पहले भी अपने विधायकों और प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी के सदस्यों, पदाधिकारियों से आग्रह कर चूकी है कि वह पार्टी के लिए फंड दें। ताकि रूटीन के खर्चों के अलावा एडिशनल वित्तीय देनदारियों की अदायगी की जा सके। पीसीसी अध्यक्ष खुद दो बार अपना पूरा वेतन दे चूके हैं। पीसीसी की बैठक में दोबारा से पदाधिकारियों से पार्टी फंड देने की गुहार लगाई जाएगी।
एआईसीसी से भी बंद हुई फंडिंग, तब बढ़ी मुश्किल| प्रदेश कांग्रेस पार्टी को पहले अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की तरफ से बजट जारी होता था। पिछले करीब 5 सालों ये बजट जारी ही नहीं किया जा रहा है। एआईसीसी ने कहा था कि जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकारें हैं वे अपने स्तर पर ही पीसीसी ऑफिसों का खर्चा वहन करे।
अपनी सरकार में थी खींचतान तब नहीं आया पैसा
प्रदेश कांग्रेस पार्टी और पूर्व कांग्रेस सरकार के बीच आपसी खींचतान के चलते मंत्रियों और विधायकों की तरफ से कांट्रीब्यूशन उस तरह से नहीं आया जैसा आना चाहिए था। जिसके चलते पार्टी की वित्तीय हालत और ज्यादा खराब होती गई।
डेढ़ लाख हर महीने का खर्च: आफिस चलाने के लिए हर महीने 1 से डेढ़ लाख का खर्चा आ रहा है। पीसीसी ऑफिस में 14 कर्मचारी तैनात हैं। इनके वेतन की अदायगी के अलावा बिजली बिल, टेलीफोन बिल, प्रेस कांफ्रेंस, पीसीसी और डीसीसी की बैठकें करवाने का खर्च हर महीने हाेता है। इन सब पर काफी खर्च पार्टी खुद वहन करना पड़ता है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष सुरेंद्र चौहान ने कहा कि प्रॉपर्टी टैक्स और लीज मनी एडिशनल बर्डन इस महीने है। इसके लिए 4.30 लाख रुपए चाहिए। इस पर चर्चा होगी।