शहर में पेयजल संकट, बालूगंज में नगर निगम की टंकियां ही ओवरफ्लो
शहर में पानी की किल्लत से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पानी की कमी से शहर के कई इलाके जूझ रहे। वहीं, नगर निगम प्रशासन पेयजल स्रोतों में पानी की कमी का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ता रहता है, जबकि जितना पानी नगर निगम को मिल रहा उसे भी व्यर्थ बहने से रोका नहीं जा रहा है। शहर के कई क्षेत्रों में निगम की पानी की पाइपें लीक कर रही हैं, तो कई ऐसी टंकियां और टैंक हैं, जिनमें रोजाना हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। बालूगंज बाजार के साथ लगते निगम के 45 हजार लीटर के स्टील स्ट्रक्चर टैंक से रोजाना पानी की लीकेज हो रही है। इसके अलावा छोटा शिमला, संजाैली, कसुम्पटी रोड, रामबाजार और अन्य कई स्थानों में रोजाना पानी की लीकेज से लाखों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। प्रशासन की ओर से औरों को तो टंकियों के ओवरफ्लो को रोकने की हिदायत दी जाती है, लेकिन अपनी टंकियों की ओर निगम ध्यान नहीं दे रहा है।
परियोजनाओं से मिला 35.35 एमएलडी पानी | गर्मियों के सीजन में शहर में पानी की सप्लाई में भारी कमी आई है। वीरवार को निगम प्रशासन को बल्क में केवल 35.35 एमएलडी पानी मिला है। इसमें गुम्मा परियोजना में पंपिंग में सुधार देखा गया है। वीरवार को मेयर कुसुम सदरेट और पार्षद दिवाकर देव, किरण बावा और विवेक शर्मा ने अधिकारियों के साथ घंडल पेयजल योजना की नई पाइपलाइन के काम का निरीक्षण किया। यह लाइन कामना देवी मंदिर के नीचे बने सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के भंडारण टैंक से तवी के पास नगर निगम भंडारण टैंक तक बिछाई जा रही है।