बिजली बोर्ड में ट्रांसमिशन का लॉस कम करने के लिए सरकार ने बनाई कमेटी
बिजली बोर्ड में ट्रांसमीशन लॉस को कम करने के लिए सरकार ने एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन कर दिया है। यह कमेटी बोर्ड को हो रहे नुकसान को कम करने के लिए अच्छी तकनीक को अपने के सुझाव देगी। बोर्ड को हर साल ट्रांसमीशन लॉस से करीब चार करोड़ रुपए तक का नुकसान झेलना पड़ रहा है। इसमें बिजली की सप्लाई तारों से ठीक तरह से नहीं हो पा रही है। इस नुकसान को कम करने के लिए सरकार ने बोर्ड को नई लाइनें की व्यवस्था करने को कहा है। इसके अलावा बोर्ड को नए सब स्टेशन स्थापित करने काे कहा है। पावर के नव नियुक्त एसीएस तरुण कपूर ने बुधवार को राज्य बिजली बोर्ड के अधिकारियों के साथ आयोजित पहली समीक्षा बैठक में ट्रांसमिशन लॉस को कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने के निर्देश दिए।
दो प्रतिशत घर अभी भी बिजली सुविधा से महरूम : बिजली उत्पादित प्रदेश में अभी भी दो प्रतिशत घर बिजली की सुविधा से महरुम है। तरुण कपूर ने बताया कि प्रदेश में 98 प्रतिशत घरों को बिजली सुविधा से जोड़ दिया गया है। शेष रह गए दो प्रतिशत यह वह घर है जो प्रदेश के दूर-दराज के क्षेत्रों में है। बोर्ड को इन छूट चुके घरों तक बिजली की सप्लाई करने के लिए कह दिया गया है।
पीक आवर्स मे 1500 मेगावॉट बिजली की मांग, जनरेट हो रही है 487 मेगावॉट : पीक आवर्स (विंटर सीजन) में प्रदेश में बिजली की मांग 1500 मेगावॉट की है, जबकि प्रदेश में 487 मेगावॉट ही बिजली का उत्पादन हो पाता है। तरुण कपूर ने बताया की बिजली की इस मांग को पूरा करने के लिए बोर्ड बाहर से शेयर लेता है। इसके विपरीत बोर्ड 4800 करोड़ रुपए की बिजली बेचता है। बोर्ड का प्रयास अधिक बिजली पैदा करके प्रदेश के लोगों की बिजली की मांग को पूरा करना है। इसके लिए अधिक से अधिक सब स्टेशन स्थापित करने को कहा गया है।
बैठक में यह रहे मौजूद
बोर्ड के प्रबंध निदेशक जेपी कालटा ने बोर्ड की गतिविधियों पर विस्तृत जानकारी दी। कालटा ने कहा कि हिमाचल बोर्ड नवनियुक्त अध्यक्ष के गतिशील मार्गदर्शन के तहत और अधिक वित्तीय ्तीय और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के सभी प्रयास करेगा। पहली समीक्षा बैठक में निदेशक (वित एवं कार्मिक) राजीव शर्मा, निदेशक (सिविल) पवन कुमार कोहली, निदेशक (तकनीकी) बीएम सूद, कार्यकारी निदेशक (कार्मिक) कुमद सिंह और बोर्ड मुख्यालय में कार्यरत सभी मुख्य अभियंताओं सहित वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
बोर्ड में टेक्निकल स्टाफ का होगा युक्तिकरण
बोर्ड में तकनीकी स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए इनका युक्ति करण किया जाएगा। गांव में लोगों को बिजली की बेहतर सुविधा मिल सके इसके लिए एसीएस ने स्टाफ का रैशनलाइजेशन करने का निर्णय लिया है। बोर्ड में इस समय 20 हजार कर्मचारी है। विभाग युक्ति करण के आधार पर इनकी सेवाएं लेगा ताकि गांव स्तर पर बिजली संबंधी समस्याओं का जल्द निपटारा किया जा सके। इसके अलावा तरुण कपूर ने अधिकारियों को पावर कट की समस्या से पार पाने के जरुरी दिशा निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि बोर्ड का जो 40 करोड़ का नुकसान है उसे शून्य करने के लिए अधिकारियों को कड़ी मेहनत करनी होगी