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भाजपा शासित नगर निगम की लापरवाही से फिसला शिमला का स्वच्छता रैंक:शैली

3 वर्ष पहले
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नगर निगम के स्वच्छता सर्वेक्षण में 100वें स्थान पर फिसलने के लिए माकपा पार्षद शैली ने भाजपा शासित नगर निगम को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने शहर में निगम पर सफाई व्यवस्था में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि शहर में जो सफाई व्यवस्था बूरा हाल है। वह वर्तमान भाजपा शासित नगर निगम के कारण है।

सैहब सोसाइटी को कमजोर किया जा रहा है। यह भी इनकी सोची समझी चाल है, ताकि धीरे धीरे पूरी सफाई व्यवस्था ठेके पर हो जाए। उन्होंने कहा कि 2010 में भी जब प्रदेश भाजपा का शासन था तब भी सफाई व्यवस्था ठेके पर थी, जोकि पूरी तरह असफल रही थी। फिर 2012 में सैहब सोसाइटी का गठन किया गया। तब प्रतिदिन 30 टन कूड़ा इकट्ठा होता था, जोकि वर्तमान में 90 टन होता है। उन्होंने कहा कि सैहब एक अच्छा मॉडल साबित हुआ था। पिछली नगर निगम में जब संजय चौहान मेयर थे तब नार्थ जॉन में शिमला स्वच्छता सर्वेक्षण में नंबर वन आया था और ओवर ऑल 47वां रैंक था। वर्तमान नगर निगम में कोई भी निर्णय जोकि सैहब सोसाइटी से संबंधित है बिना एजीएम बुलाए लिए जा रहे हैं।

कम वेतन पर क्यों

आएं सैहब वर्कर

पहले सैहब वर्कर को 7700 रुपए दिए जाते थे, अब 5000 रुपए कर दिए गए हैं। इतने कम वेतन पर कोई क्यों आएगा। इसके कारण सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। उन्होंने कहा कि नगर निगम अपने चहेते ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए सफाई व्यवस्था को ठेके पे देने जा रही है।

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