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आईजीएमसी दो दिन बाद शुरू हुआ थाइराइड टेस्ट डेढ़ घंटे में फिर बंद

3 वर्ष पहले
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भले ही आईजीएमसी प्रशासन मरीजों को टेस्ट को इलाज की पूरी सुविधा देने के दावा कर रहा हो, लेकिन पुरानी मशीनें प्रशासन के दावों को खोखला साबित कर रही है। आईजीएमसी में पिछले दो दिनों से बंद थाइराइड टेस्ट शुक्रवार सुबह शुरू तो हुए, मगर पुरानी होने के कारण डेढ़ घंटे में दोबारा से मशीन ठप हो गई। ऐसे में मरीजों को निजी लैब में टेस्ट के लिए जाना पड़ा। आईजीएमसी में रोजाना 100 से अधिक मरीजों को थाइराइड टेस्ट लिखा जाता है, ऐसे में यहां पर टेस्ट न होने से उन्हें दिक्कतें आती है। इसी तरह आईजीएमसी में विटामिन डी का टेस्ट भी पिछले काफी समय से बंद है। इस टेस्ट को करवाने के लिए भी मरीजों को निजी लैब के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। पिछले सप्ताह भी थाइराइड के टेस्ट आईजीएमसी में बंद थे। यहां पर आने वाले मरीजों को निजी लैब में पहुंचना पड़ रहा था।

विटामिन-डी टेस्ट की सुविधा ही नहीं

निजी लैब में होता है 1300 का थाइराइड

आईजीएमसी में मात्र 300 रुपए में होने वाला थाइराइड टेस्ट निजी लैब में 1300 रुपए में किया जाता है। रोगियों को इस टेस्ट को करवाने के लिए 1000 रुपए अधिक खर्च करने पड़ रहे हैं। इसी तरह विटामिन डी का टेस्ट भी निजी लैब में 500 रुपए तक किया जाता है। ऐसे में यदि यह दोनों टेस्ट रूटीन से आईजीएमसी में हो तो मरीजों को काफी फायदा होगा।

11 बजे लैब में पहुंची, थाइराइड टेस्ट की मशीन बंद बताई, निजी लैब में 1300 रुपए का टेस्ट करवाया

संजौली निवासी सुनीता ने बताया कि उन्हें ईएनटी डिपार्टमेंट से थाइराइड टेस्ट लिखा था। 11 बजे वह लैब में पहुंची तो बताया कि थाइराइड टेस्ट नहीं होगा, मशीन बंद है। ऐसे में निजी लैब में 1300 रुपए खर्च करके टेस्ट करवाना पड़ा। इसी तरह ठियोग के सुरेंद्र सिंह ने बताया कि विटामिन डी व कुछ अन्य टेस्ट करवाने के लिए भी उन्हें निजी लैब में 800 रुपए लिए गए। मरीजों ने मांग उठाई कि यह टेस्ट रूटीन से आईजीएमसी में होने चाहिए।

समस्या पर बोले मरीज

विटामिन डी व अन्य टेस्ट पर देने पड़े 800 रुपए

आईजीएमसी में जहां थाइराइड टेस्ट में दिक्कतें आ रही है, वहीं विटामिन डी का टेस्ट भी पिछले काफी समय से यहां पर नहीं हो रहा। ऐसा नहीं है कि यहां पर इसकी मशीन नहीं है। पूरी व्यवस्था होने के बावजूद भी टेस्ट नहीं किए जा रहे। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी जानकारी ही नहीं है कि विटामिन डी टेस्ट नहीं होता।

यह है थाइराइड समस्या

गले की ग्रंथि जो शरीर के मेटाबॉलिज्म को करती है नियंत्रण और भोजन का ऊर्जा में बदलती है

थाइराइड एक तरह की ग्रंथि होती है जो गले में बिल्कुल सामने की ओर होती है। यह ग्रंथि मरीज के शरीर के मेटाबॉलिज्म को नियंत्रण करती है। जो भोजन हम खाते हैं यह उसे उर्जा में बदलने का काम करती है। इसके अलावा यह मरीज हृदय, मांसपेशियों, हड्डियों व कोलेस्ट्रोल को भी प्रभावित करती है। ऐसे में अधिकांश डॉक्टर मरीजों को थाइराइड टेस्ट लिखते हैं। गर्भवती महिलाओं के प्रसव के दौरान थाइराइड टेस्ट इसलिए करवाया जाता है ताकि शरीर के हार्मोन्स का पता चल सके। बच्चे की ग्रोथ इन्हीं की वजह से होती है।

थाइराइड टेस्ट रूटीन से होता है, कई बार मशीन में खराबी आने से टेस्ट नहीं हो पाता। वहीं विटामिन डी टेस्ट आईजीएमसी में नहीं हो रहा, इसकी अभी तक जानकारी नहीं थी। टेस्ट क्यों नहीं किया जा रहा, इस बारे में छानबीन की जाएगी। जल्द ही मरीजों को अब इस टेस्ट की सुविधा आईजीएमसी में ही उपलब्ध करवाई जाएगी। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देना मेरा लक्ष्य है। डॉ. जनकराज एमएस आईजीएमसी

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