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तीन महीने हो गए स्कूल खुले अब निकाला वर्दी का टेंडर

3 वर्ष पहले
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राज्य सरकार की स्कूलों में मुफ्त वर्दी देने की योजना शैक्षणिक सत्र शुरू होने के बाद भी सिरे नहीं चढ़ पाई है। राज्य सरकार ने इस साल स्कूलों में “स्मार्ट यूनिफार्म’’ देने का फैसला लिया था। इसकी प्रक्रिया दिसंबर महीने में शुरू कर दी गई थी, लेकिन शिक्षा विभाग ने यूनिफॉर्म का रंग फाइनल करने में ही 3 महीने का समय लगा दिया। शिक्षा विभाग ने खाद्य आपूर्ति निगम को इसके टैंडर का जिम्मा सौंपा था। निगम के मुताबिक इसके टैंडर 25 जून को खुलेंगे। इसके बाद कंपनी को वर्दी की सप्लाई देने के लिए डेढ़ महीने का समय दिया जाएगा। ये तय है कि अगस्त महीने में ही स्कूलों में वर्दी की सप्लाई पहुंचेगी। खाद्य आपूर्ति निगम वर्ष 2018-19 और वर्ष 2020-21 के लिए टैंडर जारी किए हैं। वर्ष 2018-19 में 8 लाख 54 हजार 900 छात्र छात्राओं को वर्दी दी जानी है। इसके साथ पहली से दसवीं तक के छात्रों को सिलाई के लिए दो सौ रुपये दिए जाएंगे जबकि ग्यारहवीं और बारहवीं के विद्यार्थियों को वर्दी सिलवाने का खर्च स्वयं वहन करना होगा।

फ्री बैग के लिए अभी तक प्रोसेस भी शुरू नहीं

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपने बजट भाषण में छात्रों को फ्री वर्दी के साथ फ्री बैग देने का भी निर्णय लिया था। पहली, तीसरी, छठी और नवीं कक्षा के छात्रों को ये बैग दिया जाना था। लेकिन विभाग ने अभी तक केवल वर्दी के लिए ही टैंडर निकाले हैं। बैग के लिए अभी तक प्रोसेस भी शुरू नहीं किया गया है। विभाग का कहना है कि इसके लिए अभी स्पेसिफिकेशन मांगी गई है।

वर्दी के रंग के साथ बदल दिया योजना का नाम| राज्य सरकार ने वर्दी का रंग ही नहीं बदला बल्कि योजना का नाम भी बदल दिया है। पूर्व सरकार के समय में मुख्यमंत्री वर्दी योजना का नाम बदल कर अटल स्कूल वर्दी योजना कर दिया गया है।

ये है वर्दी का रंग| स्मार्ट यूनिफॉर्म में छात्राओं के कमीज का रंग लाल, काला और सफेद चैक का होगा व सलवार लाल रंग की होगी। छात्रों की ड्रैस ग्रीन रंग की पैंट और ग्रीन रंग की चैक शर्ट होगी।

देरी की असली वजह क्या

राज्य सरकार ने स्मार्ट यूनिफार्म लागू करने का निर्णय लिया था। हालांकि इसका प्रोसेस पूर्व सरकार में शुरू हो चूका था। सत्ता परिवर्तन के बाद बजट में घोषणा करवाई गई। उसके बाद कमेटी का गठन हुआ। कमेटी ने रंग फाइनल किया। फिर मामला कैबिनेट में गया। कैबिनेट की मंजूरी दी लेकिन रंग को लेकर फिर भी सवाल उठे। कमेटी ने इसमें दोबारा बदलाव किया। जिसके चलते इस पूरी प्रक्रिया में देरी हुई।

कांसेप्ट नया था, इसलिए देरी

स्कूलों में स्मार्ट यूनिफार्म लागू की जा रही है। नया कांसेप्ट था जिसके लिए रंग फाइनल करने की प्रक्रिया में समय लगा। वर्दी के लिए टैंडर जारी कर दिए गए हैं। जल्द ही छात्रों को वर्दी दे दी जाएगी। एक साथ दो-दो सैट छात्रों को वर्दी के दिए जाएंगे। -मनमोहन शर्मा, निदेशक प्रारंभिक शिक्षा

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