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आयुर्वेदिक अस्पताल छोटा शिमला में सरकारी रेट में होंगे एक्सरे, पीपीपी मोड पर लगेगी मशीन

3 वर्ष पहले
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छोटा शिमला आयुर्वेदिक अस्पताल में भी अब जल्द ही रोगियों का एक्सरे हो सकेगा। आर्थो, चेस्ट व अन्य बीमारियों के रोगियों को सुविधा देने के लिए प्रशासन ने पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर एक्सरे प्लांट लगाने की तैयारी कर ली है। जल्द ही इसके लिए टेंडर काल किए जाएंगे। केंद्र सरकार के आयुष मिशन के तहत इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिल गई है। ऐसे में अब दो माह के भीतर एक्सरे मशीन लगा दी जाएगी। इससे पहले प्रशासन अपने स्तर पर मशीन लगाने की तैयारी कर रहा था, मगर प्रशासन के पास बजट की कमी के चलते इसमें देरी हो सकती थी। मगर अब आयुष मिशन के तहत अस्पताल में पीपीपी मोड पर यह एक्सरे मशीन लगाई जाएगी। जिसमें कोई देरी नहीं होगी। अधिकारियों का कहना है कि एक्सरे मशीन की अस्पताल में काफी जरूरत है। ऐसे में यदि मशीन लग जाती है तो लोगों को काफी फायदा मिलेगा।

आयुर्वेदिक अस्पताल में लगने वाली एक्सरे मशीन में प्रशासन की आमदनी भी होगी। प्रशासन की ओर से प्रपोजल तैयार किया गया है कि मशीन में जितने भी एक्सरे होंगे, उसमें 30 फीसदी कमाई अस्पताल प्रशासन को भी मिलेगी। जबकि 70 फीसदी कंपनी रखेगी। अस्पताल में प्रतिदिन 15 से 20 रोगी ऐसे पहुंचते हैं जिन्हें एक्सरे की जरूरत रहती है, तो वह आसानी से एक्सरे करवा सकेंगे।

छोटा शिमला के आसपास 10 हजार से अधिक आबादी रहती है। यहां पर एमरजेंसी में किसी को एक्सरे करवाना हो तो उन्हें आईजीएमसी शिमला या फिर डीडीयू अस्पताल पहुंचना पड़ता है। यहां पर मरीजों का एक्सरे चिकित्सक के पास ओपीडी में लिखवाकर ही किया जाता है। यदि किसी मरीज को छोटा शिमला से एक्सरे के लिए लिख दें तो भी उन्हें डीडीयू या आईजीएमसी में दोबारा से लिखकर एक्सरे करवाना पड़ता है। ऐसे में छोटा आयुर्वेदिक अस्पताल में एक्सरे मशीन लगाना अनिवार्य भी है।

अभी मशीन न होने से दिक्कतें मौजूदा समय में अस्पताल में एक्सरे की सुविधा नहीं है। यहां पर आर्थो व चेस्ट से संबंधित रोजाना कई मरीज पहुंचते हैं। चिकित्सक उन्हें एक्सरे के लिए भी लिखते हैं, मगर उन्हें एक्सरे करवाने के लिए निजी लैब में पहुंचना पड़ता है। जहां 200 रुपए तक एक साधारण एक्सरे के लिए जाते हैं। इसके अलावा अस्पताल के नजदीक कोई लैब न होने के कारण उन्हें एक्सरे करवाने के लिए भटकना भी पड़ता है।

छह अन्य अस्पतालों में भी लगेगी एक्सरे मशीन आयुर्वेदिक अस्पताल छोटा शिमला के साथ-साथ प्रदेश के छह अन्य आयुर्वेदिक अस्पताल में भी पीपीपी मोड के तहत एक्सरे मशीन लगाई जाएगी। इसमें शिमला के अलावा सोलन, नाहन अस्पताल प्रमुख हैं। यहां पर भी एक्सरे मशीनें लगाई जाएंगी। एक साथ सभी अस्पतालों में यह मशीनें स्थापित होंगी।

आयुर्वेदिक अस्पताल में जल्द ही एक्सरे मशीन लगा दी जाएगी। अब यहां पर पीपीपी मोड के तहत एक्सरे मशीन लगाई जाएगी। इसके लिए जल्द टेंडर अलॉट होंगे। केंद्र सरकार के आयुष मिशन के तहत यह मशीन लगाई जाएगी। मशीन को ऑपरेट करने के लिए रेडियोलॉजिस्ट भी कंपनी ही लगाएगी। शिमला के अलावा प्रदेश के साथ अन्य आयुर्वेदिक अस्पतालों में भी एक्सरे मशीनें लगाई जाएंगी। मरीजों को सुविधा मिले, इसके लिए हर संभव कोशिश की जा रही है। डॉ. केडी शर्मा, एमएस आयुर्वेदिक अस्पताल शिमला

यह होगा फायदा पीपीपी मोड पर एक्सरे मशीन लगाने से प्रशासन को एक ओर फायदा होने वाला है। मशीन लगाने वाली कंपनी ही यहां पर अपना रेडियोलॉजिस्ट भी रखेगी। ऐसे में प्रशासन को अपने स्तर पर रेडियोलॉजिस्ट का पद भरने की जरूरत नहीं रहेगी। कंपनी का रेडियोलॉजिस्ट ही यहां पर एक्सरे करेगा इसके लिए पेमेंट भी कंपनी ही पे करेगी। प्रशासन केवल उस पर निगरानी रखेगा। यदि काम में कोई शिकायत होगी तो प्रशासन अपने स्तर पर कार्रवाई भी कर सकेगा।

अल्ट्रासाउंड की भी जरूरत आयुर्वेदिक अस्पताल में एक्सरे मशीन के साथ-साथ अल्ट्रासाउंड की भी जरूरत है। यहां पर रोजाना कई मरीज ऐसे पहुंचते हैं, जिनका अल्ट्रासाउंड करवाना आवश्यक है। ऐसे में यदि सरकार व प्रशासन यहां पर अल्ट्रासाउंड की मशीन भी लगवा लें तो लोगों की परेशानी काफी कम हो जाएगी। मौजूदा समय में अल्ट्रासाउंड के लिए भी आईजीएमसी या रिपन ही पहुंचना पड़ता है। वहीं निजी लैब में इसके कई गुना अधिक पैसे लिए वसूले जाते हैं।

रोजाना 150 से अधिक रहती है ओपीडीआयुर्वेदिक अस्पताल में रोजाना भारी रश रहता है। यहां पर विभिन्न बीमारियों से संबंधित 150 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इसमें अधिकांश मरीजों को एक्सरे की जरूरत रहती है। हालांकि चिकित्सक मशीन न होने के कारण भी एक्सरे नहीं लिख पाते। वह मरीज को फिर एक्सरे करवाने की सलाह देते हैं। ऐसे में यहां पर यदि एक्सरे मशीन लग जाती है तो चिकित्सक मरीज को एक्सरे भी लिख सकेंगे।

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