राजधानी शिमला के लिए कौल डैम परियोजना को शुरू करने के लिए विश्व बैंक ने सरकार के समक्ष एक नई शर्त रख दी है। विश्व बैंक ने सरकार को 16 जून तक टेंडर डॉक्यूमेंट तैयार करने को कहा है। टेंडर दस्तावेज तैयार करने के लिए सरकार को कंसल्टेंट नियुक्त करने को कहा गया है। परियोजना का लाभ शहर की जनता को शीघ्र मिले इसके लिए विश्व बैंक ने सरकार को परियोजना से जुड़े कार्यों में तेजी लाने को कहा है। कार्यों की समीक्षा को लेकर विश्व बैंक की टीम शिमला दौरे पर है। अधिकारियों के साथ हुई बैठक में विश्व बैंक ने कंपनी के गठन की स्थिति का जायजा लिया।
विश्व बैंक ने सरकार को स्पष्ट कह दिया है कि छह महीने के भीतर परियोजना से संबंधित सभी औपचारिकताएं पूरी करनी होगी। इसमें कंपनी के गठन से लेकर परियोजना के तहत किए जाने वाले कार्यों के लिए टेंडर की प्रक्रिया शामिल है।परियोजना के तहत शिमला शहर में तीन नए एसटीपी प्लांट भी स्थापित किए जाने है। इसके लिए भी सरकार को टेंडर कॉल करने की प्रक्रिया अभी आरंभ करनी होगी।
शहरी विकास विभाग के एसडीएम तरुण कपूर ने कहा विश्व बैंक ने 16 जून तक कौल डैम परियोजना से पानी लाने के लिए टेंडर डॉक्यूमेंट तैयार करने को कहा है । साथ ही छह महीने के भीतर परियोजना से संबंधित सभी औपचारिकताएं पूरी करने को कहा गया है। इसी के बाद विश्व बैंक परियोजना के लिए पैसे जारी करेगा।
16 तक टेंडर, डॉक्यूमेंट तैयार करने को कहा
विश्व बैंक तीन किस्तों में जारी करेगा 725 करोड़ रुपए
कौल डैम से पानी लाने के लिए विश्व बैंक सरकार को एक साथ 725 करोड़ रुपए जारी नहीं करेगा। यह पैसा तीन किश्तों में सरकार को दिया जाएगा। पहले जारी की जाने वाली किश्त की यूसी मिल जाने के बाद अगली किश्त मिलेगी। विश्व बैंक देखना चाहेगा कि जारी किए गए बजट का सरकार किस तरह उपयोग में ला रही है उसकी यूसी मिल जाने के बाद परियोजना की अगली किश्तें जारी होगी। यह परियोजना शिमला और आसपास के क्षेत्रों के लिए काफी महत्वपूर्ण है। इस परियोजना से आने वाले 50 सालों में शिमला शहरी कि प्यास को बुझाया जाएगा। सरकार ने वर्ष 2030 की आबादी को ध्यान में रख कर शहर की लिए यह परियोजना तैयार की है जिस पर सरकार ने काम शुरु कर दिया है। विश्व बैंक भी परियोजना के शीघ्र संचालन के लिए सरकार का समय समय पर मार्गदर्शन कर रहा है।