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प्रदेश के 2.50 लाख कारोबारियों को इंस्पेक्टरी राज से मिलेगी मुक्ति

3 वर्ष पहले
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ओपन मार्केट में खाद्य वस्तुओं के रेट अब जिला प्रशासन नहीं बल्कि व्यापारी खुद तय करेंगे। कौन सी वस्तु किस दाम पर बेचनी है यह अब व्यापारी खुद देखेंगे। प्रदेश में व्यापारियों को इंस्पेक्टरी राज से छुटकारा दिलाने के लिए राज्य सरकार होर्डिंग और प्रिवेंशन आर्डर को समाप्त करने जा रही है। इसके तहत वस्तुओं के मूल्य और लाभ प्रतिशत का निर्धारण जिला प्रशासन नहीं बल्कि व्यापारी खुद तय करेंगे। इसमें दूध से लेकर सब्जियों और करियाने का सारा सामान शामिल है जो लोगों को ओपन मार्केट में प्रदान किया जाता है।

ग्राहकों को कौन सा सामान किस रेट पर देना है इस पर अब विभाग या जिला प्रशासन की कोई पकड़ नहीं रहेगी। व्यापारी अपनी मर्जी से किसी भी रेट पर सामान को बेच सकेगा। यह उस पर निर्भर करेगा कि वह सामान को बेच कर कितना लाभ और मार्जन अर्जित करता है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग होर्डिंग और प्रिवेंशन आर्डर को समाप्त किए जाने का मामला मंत्रिमंडल की बैठक में पेश करेगा। कैबिनेट की मोहर लगने के बाद इन आदेशों को लागू कर दिया जाएगा।

प्रदेश के करीब 2.50 लाख व्यापारियों को सरकार इंस्पेक्टरी राज से छुटकारा दिलाने के लिए होर्डिंग और प्रिवेंशन आर्डर को समाप्त करने की तैयारी विभाग ने कर दी है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग केवल खाद्यान्नों की कमी होने पर ही दुकानों की चैकिंग करेगी।

विभाग के ऐसा करने से अब प्रदेश के व्यापारियों में प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा। ग्राहकों को जो सामान जिस दुकान पर कम या किफायती दाम पर मिलेगा ग्राहक उसी दुकान से अपनी पंसद का सामान खरीद सकेगा। इसके विपरीत ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को इसका फर्क पड़ सकता है।

होर्डिंग और प्रिवेंशन आर्डर को समाप्त करने का प्रस्ताव कैबिनेट की बैठक में पेश किया जा रहा है। सरकार इस पर क्या निर्णय लेती है यह मंत्रिमंडल तय करेगा। ओंकार शर्मा, प्रधान सचिव खाद्य एवं आपूर्ति विभाग

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