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प्रदेश की सड़कों को रेहड़ी-फड़ी वालों से किया जाएगा मुक्त

3 वर्ष पहले
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प्रदेश की सड़कों को रेहड़ी फड़ी वालों से मुक्त करवाने के लिए केंद्र सरकार ने 25 लाख रुपए का बजट मंजूर किया है। इसके तहत शहरी निकायों में रहने वाले रेहड़ी फड़ी वालों के लिए पुनर्वास केंद्र स्थापित किए जाएंगे। पहले चरण में तीन शहरी निकायों में इन केंद्रों को स्थापित किया जाएगा। इनमें सोलन, ऊना, और धर्मशाला शामिल है। शिमला में रेडी फड़ी वालों के लिए दुकानें बनाने का काम चल रहा है। प्रदेश के अन्य शहरी निकायों में इनकों बसाने के लिए जगह का चयन किया जा रहा है। जैसे जैसे जगह मिलती जाएगी इनकों बसाने के लिए वहां पर केंद्र स्थापित किए जाएंगें। केंद्र सरकार ने एनयूएलएम (राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन) के तहत रेडी फड़ी वालों के लिए आजीविका केंद्र स्थापित करने के लिए यह बजट जारी किया है।

21 शहरी निकायों में चार हजार स्ट्रीट वैंडर : शहरी विकास विभाग इनकी संख्या का पता लगाने के लिए शहरी निकायों में इनका सर्वे करवा रहा है। अभी तक 21 निकायों में चार हजार स्ट्रीट वेंडर पाए गए है अकेले शिमला शहर में इनकी संख्या 500 से लेकर 600 बताई जा रही है। प्रदेश के सभी 53 शहरी निकायों में इनकी संख्या का पता लगाया जाएगा। इसकी रिपोर्ट केंद्र को भेजी जाएगी। उसी आधार पर केंद्र सरकार इन्हें रिहैबिलिटेशन केंद्र स्थापित करने के लिए पैसे जारी करेगा। यहां पर यह अपना सामान बेच कर अपनी आजीविका के लिए साधन अर्जित कर सकेंगे।

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