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भाजपा समर्थितों को हराने के लिए कांग्रेस-माकपा हुए साथ

3 वर्ष पहले
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हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी में 24 मई को होने वाले ईसी व कोर्ट चुनाव के लिए उम्मीदवारों की तस्वीर साफ हो गई है। इस बार तिगुना नहीं, बल्कि आमने सामने वाला मुकाबला होगा। माकपा व कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी एक मंच पर अाए हैं। ऐसे में वे भाजपा समर्थित प्रत्याशियों को अब सीधी टक्कर देंगे। कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों में पिछली बार ईसी मेंबर रही राजकुमारी इस बार भी चुनाव लड़ेंगी। इसी तरह माकपा समर्थित नरेश कुमार शर्मा कोर्ट के पद पर चुनाव लड़ेंगे। भाजपा समर्थित प्रत्याशियों में विपिन कुमार ईसी के पद पर चुनाव लड़ेंगे। इसी तरह कोर्ट पद पर बुद्धि राम चुनाव मैदान में उतरे हैं। इससे पहले एक्जीक्यूटिव काउंसिल और कोर्ट आॅफ यूनिवर्सिटी पद के लिए बीते शुक्रवार को नोमिनेशन हुआ था। ईसी सदस्य के लिए 19 और कोर्ट मेंबर के लिए 22 आवेदन रिटर्निंग अॉफिसर के पास पहुंचे थे। शनिवार को स्क्रूटनी हुई। अब सोमवार को अंतिम सूची जारी की गई। जिसमें करीब 21 उम्मीदवारों ने नाम वापस लिए। 24 मई को 11 बजे वोटिंग शुरू होगी और चार बजे तक चलेगी। 4 बजे के बाद मतों की गिनती शुरू होगी।

महत्वपूर्ण है ईसी व कोर्ट का पदः इन चुनावों में भाजपा, माकपा और कांग्रेस समर्थित तीनों ही गुट अपने प्रतिभागी चुनावी मैदान में उतारते है। शेड्यूल में नामांकन भरने के साथ ही नामांकन प्रक्रिया वापस लेने के बाद अंतिम सूची उम्मीदवारों की तैयार होती है। जिसके बाद करीब 817 कर्मचारी ईसी और कोर्ट के लिए अपना प्रतिनिधि चुनते हैं। इस बार कार्यकाल समाप्त होने के चलते कर्मचारियों की तरफ से विवि की ईसी में कर्मचारी ईसी सदस्य शामिल नहीं हो पाया था। अब कर्मचारियों को नए सदस्य के चुनकर ईसी और विवि कोर्ट में जाने का इंतजार है।

एचपीयू ईसी चुनाव

24 मई को होने वाले चुनाव में इस बार सीधा मुकाबला, 11 बजे से चार बजे तक वोटिंग, फिर गिनती उसके बाद रिजल्ट

प्रचार पर जोर, कैंपस में समर्थन मांग रहे उम्मीदवार

ईसी व कोर्ट चुनाव के लिए अब प्रत्याशियों के चेहरे साफ होने के बाद प्रचार में भी तेजी आई है। कैंपस में उम्मीदवार वोट मांगते हुए नजर आ रहे हैं। जहां प्रत्याशी कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान का हवाला दे रहे हैं, वहीं कई तरह के वादे भी किए जा रहे हैं। ईसी पद इसलिए भी अहम माना जाता है, क्योंकि कर्मचारियों से संबंधित सभी मामले ईसी में ही जाते हैं।

भाजपा समर्थित प्रत्याशी विपिन कुमार व बुद्धिराम।

कांग्रेस व माकपा समर्थित प्रत्याशी राजकुमारी व नरेश कुमार शर्मा।

राजकुमारी जीती तो लगेगी हैट्रिक एचपीयू में बीते वर्ष ईसी और कोर्ट सदस्यों के चुनावों में कर्मचारियों ने विवि कल्याण संघ से महिला उम्मीदवार राजकुमारी को जिताया था, तो वहीं कोर्ट सदस्य के रूप में पीपी नेगी को चुना था। अब इस बार कांग्रेस अौर माकपा समर्थित एक मंच पर आने से भाजपा समर्थित प्रत्याशियों के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई है। जिससे इस बार ईसी और कोर्ट सदस्यों के चुनावों के परिणामों पर असर देखने को मिलेगा।

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