हाईकोर्ट ने कोटी रेंज में हुए 416 पेड़ों के कटान मामले में वन विभाग के दोषी अफसरों, कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। वीरवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल व न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान यह आदेश पारित किए। अभी तक कोटी रेंज कटान मामले में केवल भूप राम के खिलाफ एफआईआर दर्ज है। यह प्राथमिकी वन विभाग की ओर से दर्ज की गई है। शलोट गांव के भूप राम के घर से पुलिस ने बड़े पैमाने में अवैध कटान के बाद तैयार किया गया कोयला व देवदार की लकड़ियां बरामद की थी। वन विभाग ने मामले में अपने एक रिटायर बीट गार्ड को चार्जशीट किया था। इससे पहले कोर्ट ने उद्योग विभाग के निदेशक को मामले में प्रतिवादी बनाया था और उन्हें निजी तौर पर शपथपत्र दायर करने के आदेश दिए हैं।
काेर्ट ने कहा, भूप राम अकेला नहीं आरोपी| जंगल में अवैध कटान चार साल से चल रहा था। ऐसे में कैसे विभाग के अफसरों को पहले कटान का पता नहीं चला होगा, इससे कोर्ट भी सहमत नहीं है। कोर्ट पहले ही पहले ही कह चुका है कि इस कटान में अकेले भूप राम का हाथ नहीं हो सकता। कोर्ट ने इस पर प्रधान सचिव वन को स्थिति स्पष्ट करने के भी आदेश दिए थे। कोर्ट ने पूछा था कि क्या सिर्फ भूप राम ही कटान के अपराध में शामिल है या अन्य लोग भी निजी अथवा सरकारी भूमि पर अवैध पेड़ कटान में शामिल है।