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जिनपर सबसे ज्यादा चर्चा हुई

3 वर्ष पहले
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कर्नाटक चुनाव में सबसे अमीर तीन प्रत्याशियों में से दो चुनाव जीत गए हैं। ये तीनों प्रत्याशी कांग्रेस के टिकट पर मैदान में थे। हालांकि राज्य सरकार के ज्यादातर मंत्रियों को हार का सामना करना पड़ा।

5 टॉप सीटों का क्या हुअा

सीट क्यों चर्चित कौन जीता छीनीबचाई

शिकारीपुरा येद्दि की सीट भाजपा बचाई

बादामी सिद्दारमैया लड़े कांग्रेस बचाई

वरूणा सीएम के पुत्र कांग्रेस बचाई

मांड्या कावेरी प्रोटेस्ट जेडीएस बचाई

बेल्लारी रेड्‌डी बंधु भाजपा बचाई

टॉप 3 अमीर प्रत्याशियों का क्या हुआ

1020 करोड़ की संम्पत्ति के मालिक हैं। ये हाउंसिंग मंत्री एम कृष्णनप्पा के बेटे हैं।

1015 करोड़ की संपत्ति। ये सिद्दारमैया के परिवार के करीबी। मल्टीपल बिजनेस हैं।

840 करोड़ की संपत्ति। ऊर्जा मंत्री। खनन घोटाले में आईटी ने छापे मारे थे।

भाजपा ने 44% ग्रामीण और 53% शहरी सीटों पर कब्जा किया

166

ग्रामीण सीटंे



प्रियाकृष्णा

गोविंदनगर सीट

कांग्रेस

एन नागार्जुन होसाकोटे सीट

कांग्रेस (जीते)

डीकेशिवकुमार कनकपुरा सीट

कांग्रेस (जीते)

74 भाजपा

57 कांग्रेस

33 जेडीएस

2 अन्य

56

शहरी सीटें

30 भाजपा

20 कांग्रेस

6 जेडीएस

भाजपा हर गांव में रोज 8 बार जनसंपर्क करती थी, हर विधानसभा में 15-20 हजार लोगों की पन्ना कमेटी थी

भाजपा सबसे बड़ी पार्टी; वजह कॉल सेंटर से 50 हजार बूथों तक माइक्रो मैनेजमेंट किया

केंद्रीय मंत्रियों समेत 55 सांसदों को सौंपी थी 4-4 विधानसभा की जिम्मेदारी

भास्कर न्यूज | नई दिल्ली/बेंगलुरू

कर्नाटक में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी भाजपा माइक्रो मैनेजमेंट के दम पर इस मुकाम तक पहुंची है। हालांकि कांटे के मुकाबले में वह बहुमत से चंद सीटें पीछे रह गई। कर्नाटक में बहुमत के लक्ष्य के साथ भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने मोदी कैबिनेट के 30 केंद्रीय मंत्रियों समेत 55 सांसदों को पहले 4-4 विधानसभा की जिम्मेदारी सौंपी थी। बाद में इसे कम करते हुए केंद्रीकृत व्यवस्था की। भाजपा ने पन्ना प्रमुख के साथ पहली बार पन्ना कमेटी भी बनाई, जिसमें वोटर लिस्ट के उसी पन्ने से 2-3 वोटर छांट कर अपने साथ जोड़े। इस तरह हर विधानसभा में पार्टी ने 15 से 22 हजार पन्ना कार्यकर्ताओं की फौज खड़ी की और 10 लाख से ज्यादा प्रतिबद्ध मतदाताओं को अपने साथ जोड़ा। भाजपा की इस जीत में उसकी प्रचार की रणनीति अहम रही। पार्टी ने महिला, युवा, किसान, एससी, एसटी, अल्पसंख्यक समेत सभी 8 मोर्चों को सक्रिय करते हुए हर गांव में जनसंपर्क की जिम्मेदारी सौंपी थी। यानी एक दिन में एक ही गांव में एक घंटे के अंतराल पर जनसंपर्क अभियान चलाया। एक दिन में 8 बार जनसंपर्क की रणनीति ने भाजपा को मुकाबले में सबसे ऊपर ला दिया।

इसके अलावा मिस्ड कॉल से पार्टी के सदस्य बने लोगों से कॉल सेंटर के जरिए सीधा संपर्क किया गया। जिन वोटरों से फोन पर बात नहीं होती थी, उनसे प्रत्यक्ष संपर्क के लिए 10-10 लोगों की टीम बनाई गई थी। हर विधानसभा में ये व्यवस्था रखी। इसके अलावा करीब 50-55 हजार बूथों को 3 हिस्सों- बूथ कमेटी, शक्ति केंद्र, महाशक्ति केंद्र में बांटकर काम किया। हर बूथ पर 5 से 7 लोगों की कमेटी बनाई। 5-7 बूथों को मिलाकर एक शक्ति केंद्र, 5 शक्ति केंद्र से एक महाशक्ति केंद्र बनाया। राज्य भाजपा इकाई को रणनीतिक मामलों से दूर रखकर सिर्फ प्रचार में लगने को कहा गया। उम्मीदवारों के चयन में शाह ने अपने सर्वे को ही प्राथमिकता दी।

बिहार जैसे भ्रम में उलझी भाजपा

सुबह जश्न, दोपहर सन्नाटा, शाम को मोदी ने दी जीत की बधाई

ऐसे चूकी भाजपा- 5 सीटें 700 से भी कम अंतर से गंवाई



उडुपी: जहां मोदी ने राहुल गांधी को 15 मिनट बिन देखे बोलने की चुनौती दी

5(+4)

2(-4)

7 सीट

2013 में अन्य को 2 सीटें मिली थी

जमखांडी: मोदी बोले- मैडम सोनिया दलित राष्ट्रपति से मिलीं तक नहीं

5(+4)

2(-4)

7 सीट

2013 में अन्य को 2 सीटे मिली थी

चित्रदुर्ग: जो पार्टी गरीबों का वेलफेयर नहीं कर सकती, उसे फेयरवेल दे दो

5(+4)

1(-2)

6 सीट

यहां जनता ने कांग्रेस का फेयरवेल किया

जहां मोदी ने राहुल को 15 मिनट की चुनौती दी और उन्हें फेयरवेल देने की अपील की, वहीं 99% जीती

मोदी ने उडुपी में राहुल को 15 मिनट बोलने की चुनौती दी थी। इस जिले की सभी 5 सीटें भाजपा को मिली।

बेलगाम जिले के जमखांडी की रैली में सोनिया को दलित विरोधी बताया था। यहां भाजपा ने कांग्रेस 4 सीटें छीनी।

चित्रदुर्ग में मोदी ने कहा था कि कांग्रेस सुल्तानों की जंयती मना रही। 6 में से 5 भाजपा जीती। कांग्रेस को 3 सीटों का नुकसान।

शुरुआती रुझानों में भाजपा को 122 तक सीटों पर बढ़त दिखाई गई थी। दिल्ली, कर्नाटक में पार्टी के दफ्तरों पर जश्न शुरू हो गया। पर सीटें घटती गईं और जश्न की जगह सन्नाटा पसर गया। जानिए दिनभर में क्या-क्या हुआ...

कांग्रेस का सॉफ्ट हिंदुत्व

39 लिंगायत बहुल सीट भाजपा ने जीती। कांग्रेस 21 और जेडीएस 9 सीटों पर जीती।

24 वोक्कालिगा प्रभाव वाली सीट जेडीएस ने और 11 कांग्रेस ने जीती। भाजपा 8 पर आगे रही।

15 मुस्लिम डाॅमिनेटेड सीट पर भाजपा जीती। कांग्रेस 13 और जेडीएस 5 सीटों पर आगे रही।

कलगी:मोदी जी चाहते हैं कि रेड्डी ब्रदर्स, येद्दि कर्नाटक का पैसा लूटें

4(+3)

5(-2)

9 सीट

2013 में यहां 1 सीट अन्य को मिली थी।

बीजापुर: जहां सोनिया बोलीं-मोदी जी पर कांग्रेस मुक्त भारत का जुनून सवार

3(+2)

3(-3)

7 सीट

यहां पर एक सीट जेडीएस को मिली।

चिकमंगलूर: यहां राहुल धोती-कुर्ते में श्रृंगेरी मठ के दर्शन करने पहुंचे थे

3(+1)

चिकमंगलूर सीट से भाजपा जीती है।

यहां जनता ने राहुल की नहीं सुनी। जिले की 9 में से 4 पर भाजपा और 5 पर कांग्रेस को मिली। कांग्रेस को 2 सीट का घाटा हुआ।

1(+1)

बीजापुर में 2013 में कांग्रेस ने 7 में से 6 सीट जीती थी। पर सोनिया की रैली का असर नहीं हुआ। पार्टी 3 सीट पर सिमटी।

1(0)

4 सीट

चिकमंगलूर से जीतकर इंदिरा गांधी दिल्ली पहुंची थी। पर यहां कांग्रेस का करिश्मा नहीं चला। भाजपा ने 4 में से 3 सीटें जीत ली।

11.00 बजे: भाजपा की बढ़त 122 सीटों तक पहुंची, फिर यह कम होती गई।

12.30 बजे: भाजपा की बढ़त 110 सीटों पर पहुंची। कांग्रेस में हलचल।

1.30 बजे: सोनिया गांधी ने बेंगलुरू में मौजूद गुलाम नबी आजाद को जेडीएस से संपर्क कर बिना शर्त समर्थन देने को कहा।

2.00 बजे: शाह ने 3 केंद्रीय मंत्रियों जावड़ेकर, नड्‌डा और धर्मेंद्र प्रधान को बेंगलुरू भेजा।

2.30 बजे: जेडीएस ने कांग्रेस का ऑफर माना।

4.00 बजे: सिद्दारमैया ने इस्तीफा सौंपा।

5.10 बजे: येद्दियुरप्पा ने राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया।

5.30 बजे: कांग्रेस-जेडीएस नेता राजभवन पहुंचे।

वोटों की गिनती शुरू होते ही कांग्रेस के साथ बड़ी गुगली

रुझानों में हार से सिद्दारमैया के ऑफिस पर ताला लगा

शुरुआती रुझानों में भाजपा को बहुमत मिलता दिख रहा था। कांग्रेस की हार की आहट मिलते ही सचिवालय की एक तस्वीर सामने आई। इसमें कर्मचारी ने सीएम सिद्दारमैया के ऑफिस पर ताला लगा दिया। शाम को सिद्दारमैया फिर सक्रिय हुए।

भाजपा के 97% और कांग्रेस के 75% करोड़पति प्रत्याशी जीते

करोड़पति

भाजपा के 206 प्रत्याशी करोड़पति थे, उनमें से 101 विजयी रहे हैं। कांग्रेस के 204 प्रत्याशी करोड़पति थे, जिनमें 75% विजयी रहे हैं।

क्रिमिनल केस

भाजपा के 81 कैंडिडेट पर क्रिमनल केस थे, इनमें 42 विजयी रहे। कांग्रेस के 58 में से 23 और जेडीएस के 45 में से 12 प्रत्याशी विजयी।

मौजूदा विधायक

कांग्रेस के 105 मौजूदा विधायकों में से 47 विजयी रहे हैं। भाजपा के 45 में से 32 और जेडीएस के 25 में से 14 विधायक चुनाव जीते।

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