रायशुमारी करने आए पर्यवेक्षकों के सामने सिंधिया और दिग्विजय गुट के नेता भिड़े
संगठन चुनाव के लिए रायशुमारी करने आए पर्यवेक्षकों के सामने शनिवार को कांग्रेसियों में विवाद हो गया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धार्थ लढ़ा के दफ्तर में मंडलम के लिए पदाधिकारी चुनने को लेकर विवाद हो गया। दरअसल, यहां पर सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह गुट के नेता एक-दूसरे को नीचा दिखाने लगे। इस बीच माहौल गरमा गया और कुछ नेताओं ने पदाधिकारियों के सामने ही गालीगलौच कर दी। नौबत मारपीट तक आ गई। इसके बाद शिकायत मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। बताया जा रहा है कि कार्यकर्ताओं के बीच बड़ा पद पाने को लेकर विवाद हुआ।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धार्थ लढ़ा के दफ्तर में दक्षिण ब्लॉक की बैठक चल रही थी। इस बैठक में बतौर आब्जर्वर दीवान हरसी, ग्वालियर के शहर कांग्रेस अध्यक्ष मोहन सिंह राठौर और हसमत सिद्दीकी शामिल हुए। इनको उत्तर ब्लॉक के लिए पदाधिकारियों का चयन करना था। लेकिन इससे पहले कि ये चयन कर पाते वहां पूर्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष राकेश गुप्ता और कांग्रेस नेता इब्राहिम खान करीब 100 हम्मालों को लेकर पहुंच गए। वहां पहले से आब्जर्वरों के साथ कांग्रेस के प्रवक्ता हरवीर सिंह रघुवंशी, पोहरी के पूर्व विधायक हरीवल्लभ शुक्ला, पूर्व नपा उपाध्यक्ष पदम काका और कांग्रेस के उप्पल खान अौर बासित अली मौजूद थे। बैठक में जैसे ही उत्तर के पदाधिकारियों को दक्षिण के लोगों ने देखा तो सिंधिया समर्थक उप्पल खान ने कहना शुरु कर दिया कि हमारे ज्योतिरादित्य सिंधिया इसलिए मप्र में मुख्यमंत्री के तौर पर प्रोजेक्ट नहीं हो पा रहे हैं, क्योंकि तुम जैसे लोग ओछी राजनीति करते हो। इतना सुनते ही बासित अली ने इन्हें रोकने की कोशिश की। लेकिन किसी ने किसी की नहीं मानी। इस बीच पूर्व नपाध्यक्ष पदम काका और जिला कांग्रेस प्रवक्ता हरवीर रघुवंशी अापस में भिड़ गए। इन दोनों के बीच जमकर गाली गलौज हुई और नौबत मारपीट तक आ गई। विवाद बढ़ता देख पर्यवेक्षक उठकर चले गए। पूर्व विधायक हरी वल्लभ शुक्ला भी चुपचाप वहां से खिसक लिए। इसके बाद कांग्रेस के नेता राजेंद्र शर्मा और उप्पल खान भिड़ पड़े। पूरे समयसिंधिया गुट और दिग्विजय सिंह गुट के नेताओं के बीच विवाद हुआ।