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बीपीएल राशन कार्ड मामले में नपाध्यक्ष की मुश्किलें बढ़ीं, कोर्ट में आरोप हुए तय

3 वर्ष पहले
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विशेष अपर सत्र न्यायाधीश अरूण कुमार वर्मा ने नगरपालिका अध्यक्ष मुन्नालाल लाल कुशवाह के विरुद्ध धारा 420, 467 और 471 के तहत आरोप तय कर दिए हैं। जबकि इस मामले में आरोपी शिवपुरी नगर पालिका के लिपिक राजेश कुशवाह पर भी भादवि की धारा 420, 467, 471 और 120 का आरोप था, लेकिन इन्हें साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है। दोषमुक्त किए गए लिपिक की पैरवी एडवोकेट ओपी चतुर्वेदी और संजीव बिलगैंया ने की थी। नपाध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह पर आरोप है कि उन्होंने पात्रता न होने के बावजूद बीपीएल राशनकार्ड बनवा लिया और उसका लाभ लिया।

23 दिसंबर 2015 को दर्ज हुआ था केस

इस मामले में 23 दिसंबर 2015 को भाजपा के नगरपालिका पार्षद भानु दुबे ने कलेक्टर के सामने ज्ञापन देकर आरोप लगाया था कि नगरपालिका अध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह ने नियम विरुद्ध ढंग से अपने लिए बीपीएल राशनकार्ड बनवा लिया। इस पर एसडीएम शिवपुरी ने मामले की जांच की। जांच के बाद कलेक्टर ने अपने प्रतिवेदन में मुन्नालाल कुशवाह को पात्र न होने के बावजूद बीपीएल राशनकार्ड प्राप्त करने तथा इसका लाभ उठाने का आरोप प्रमाणित पाया। वहीं यह भी निष्कर्ष निकाला कि बीपीएल पंजी में हेराफेरी की गई है। इसके बाद तत्कालीन कलेक्टर राजीव दुबे के प्रतिवेदन का 26 दिसम्बर 2015 को प्रभारी सीएमओ ने नपाध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। नपाध्यक्ष पर आरोप है कि उन्होंने 2004 में अपनी सम्पत्ति को छुपाकर बीपीएल कार्ड बनवाया और उसका लाभ लिया एवं 2007 में बीपीएल कार्ड धारक होते हुए भी एपीएल कार्ड का आवेदन करने का आरोप है। इस मामले में नपाध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह की गिरफ्तारी हुई थी और वह जेल भी गए थे। बाद में वह न्यायालय से जमानत पर रिहा हुए थे। नपाध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह पर आरोप तय होने से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं और न्यायालय में अब उन पर धोखाधड़ी और दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा करने का मामला चलेगा।

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