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शराब पीने से बहक रही है बुद्धि, इस पर रोक लगे

3 वर्ष पहले
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बैराड़ के अमरोदा गांव में रविवार की रात 2 साल की मासूम के साथ हुए दुष्कर्म के बाद पूरे जिले में गुस्से का माहौल है। घटना सामने आने के बाद गुस्साए लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। लोगों ने कहा कि समाज में ऐसी मानसिक विकृति के पीछे नशा मुख्य कारण है।

इसलिए हमें नशा जैसी बुरी आदत को समाज से उखाड़ फेंकने के लिए एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। साथ ही नशे की सामग्री बेचने व नशा करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानून तैयार किया जाए, जिससे युवा पीढ़ी इस बुरी आदत से बच सके।

एक तरफ बेटी बचाओ की बात हो रही है,दूसरी तरफ बेटी मिटाईं जा रही हैं।

ये सब शराब के नशे का दुष्परिणाम है। नशे में आदमी को ये नजर नहीं आता है कि ये बच्ची छोटी है, यो कोई रिश्तेदार है। उसे तो टीवी चैनलों में जो . नजर आती हैं वो दिखाई देती हैं। उसके दिन दिमाग में राक्षस सवार हो जाता है। इसलिए ऐसी घटनाएं समाज में घट रही हैं। आजादी के पहले ये घटनाएं सुनी ही नहीं जाती थी। यदि कहीं भूल से हो भी जाती थी तो उस परिवार को सामाजिक सजाएं इतनी कठोर थीं कि लोगों की रूह कांप जाती थी। प्रेम नारायण नागर, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी

समाज दबाव बनाए, ये भी हो जाएगा

नशा बुद्धि को क्षीण करता है। लेकिन दिमागी विकार इसका सबसे बड़ा कारण है। समाज वातारण बनाए कि सरकार शराब पर प्रतिबंध लगाने के लिए आगे आ जाए। लेकिन इसके पीछे एक वजह मानसिक विकार भी हे। वैसे मप्र सरकार ने ऐसे दुष्कर्म करने वालों के लिए हाल ही में एक कड़ा कानून बना दिया है। धैर्यवर्धन शर्मा, प्रवक्ता भारतीय जनता पार्टी

शराब ही क्यों हर तरह के नशे पर बैन पर हो

शराब बंद होनी चाहिए,ताकि लोग,रिश्तों को पहचानना न भूलें ऐसे लोगों के लिए सरकार ने सख्त कानून तो बना दिया। लेकिन इसका खौफ उनके दिलों दिमाग पर कहीं दिख नहीं रहा है। समाज में इस मानसिक विकृति का सबसे बड़ा कारण नशा भी है। ऐसे में हर तरह के नशे में बैन लगाना चाहिए। रुपाली गौतम, डायरेक्टर किड्स गार्डन स्कूल

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