कलेक्टोरेट के बाहर डिप्टी कलेक्टर प्रजापति को चूड़ियां देतीं सिर पर मटके रखकर आई महिलाएं।
महिलाओं का गुस्सा देख अंदर चले गए डिप्टी कलेक्टर
महिलाओं की ओर से अपना विरोध जताते हुए जलक्रांति की सदस्य रंजीता देशपांडे ने कहा कि आज भी लोग रात-रात भर जागकर कटि्टयों से पानी भर रहे है। जो परियोजना 2 साल में पूरी हो जानी थी वह 10 साल भी बाद भी अधर में है ऐसे में क्या प्रशासन का दायित्व नहीं कि वह दोषियों को चिन्हित करे और खराब काम करने वाली दोशियान और उससे जुडे दोषियों पर कार्रवाई करे। डिप्टी कलेक्टर आर बी प्रजापति ने महिलाओं का गुस्सा भांप कर बिना प्रतिक्रिया व्यक्त कर चले गए।
गोद में नवजात, हाथों में मटके, किया हंगामा
कलेक्टोरेट में हमारी मांगे पूरी करों, दोषियों पर कार्रवाई करो जैसे नारे लगाकर महिलाओं ने जमकर आक्रोश जताया। इस दौरान वह अपने सिर पर मटके रखे हुए थीं। महिलाओं का कहना था कि-जब पानी ही नहीं तो इन्हे भरें कैसे। इतना कहकर उन्होंने कलेक्टोरेट के बाहर ही मटके फोड़ दिए। इस दौरान कुछ महिलाएं दुधमुंहे बच्चे को भी साथ लेकर आई थी।
27 दिन हुए, अधिकारी बात करने नहीं आए
जलक्रांति सदस्य रंजीता देशपांडे ने कहा कि कब तक चुप रहेंगे। प्रशासन हमारी कोई सुनवाई नहीं कर रहा। 27 दिन में 72 से ज्यादा हर वार्ड के युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने एक दिन की भूख हड़ताल और प्रदर्शन कर भागीदारी की पर प्रशासन की और से इन 27 दिनों में एक मिनिट भी कोई अधिकारी जानकारी लेने बातचीत करने नहीं पहुंचा। आखिर इससे बड़ी असंवेदनशीलता और क्या हो सकती है। यदि यही रवैया रहा तो अब महिलाएं भी सामूहिक रुप से प्रदर्शन को माधव चौक पर बैठेंगी और अपना विरोध दर्ज कराएंगी। पानी मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।
...तो हम जनप्रतिनिधियों को दिखाएंगे काले झंडे
मौजूद महिलाओं ने यह भी कहा कि कब तक प्रशासन हमारी बात नहींीं मानेगा। यदि महिलाओं के धरना प्रदर्शन पर उतर आने के बाद भी यदि सुनवाई नहीं होती प्रशासन दोषियों पर कार्रवाई नहीं करता तो फिर अगले चरण में हम जनप्रतिनिधियों को काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।