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शहीदों ने आजादी के वृक्ष को पानी से नहीं खून से सींचा है, उन्हें याद करो: प्रेमनारायण
कार्यक्रम में प्रेमनारायण नागर जी का सम्मान कराते हुए।
लोगों को आकर्षित कर रही है प्रदर्शनी
तात्याटोपे मैदान में लगाई गई प्रदर्शनी में आईटीबीपी ने संचार यंत्रों की प्रदर्शनी लगाई गई। इस प्रदर्शनी के माध्यम से लोगों को यह समझाने की कोशिश की गई है कि दकिस तरह से सैनिक बॉर्डर पर दूरसंचार माध्यमों से सूचनाओं का आदान प्रदान करते है। जोकि लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रही है।
समाधि स्थल प्रांगण में स्वराज संस्था संचालनालय शासन संस्कृति विभाग एवं जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित तीन दिवसीय तात्याटोपे समारोह के पहले दिन श्रृद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। विधायक प्रहलाद भारती ने अमर शहीद तात्याटोपे को अपने श्रृद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि यह हमारे लिए गौरव की बात है कि शिवपुरी की धरती को शहीदों ने कर्मभूमि एवं बलिदान भूमि बनाया। उन्होंने यह भी कहा कि अपने लिए तो हर कोई जी लेता है,कीट पतंगे भी जी लेते है पर देश के लिए जो जीता है वह इतिहास में अमर हो जाया करता है। कार्यक्रम में कलेक्टर तरुण राठी,एस पी सुनील पांडेय और आईटी बीपी कमांडेंट ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रेमनारायण नागर को सम्मानित किया गया।
जब हडसन ने हैट उतारकर तात्या को किया प्रणाम: गौतम
शिक्षाविद पुरुषोत्तम गौतम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए तात्या की शौर्य गाथाएं बताई। उन्होंने कहा कि अंग्रेज अफसर हडसन ने अपनी डायरी में लिखा है कि एक बार तात्या को उन्होंने चंबल के किनारे भीलवाड़ा के रास्ते में घेर लिया था। पर सूर्यास्त से कुछ समय पूर्व जब तात्या के मुठ्ठी भर ही सैनिक शेष थे तब उन्होंने आत्मरक्षा के लिए नदी में छलांग लगा दी। जब दूर से दूरबीन से हडसन ने अपने सैनिक से पूछा कि देखो सामने दूर जो लंबा व्यक्ति दिख रहा है वह तात्या है क्या। तो सैनिक ने जवाब दिया लगता तो वही है। तो हडसन ने केप उतारकर तात्या को प्रणाम कर कहा कि मैं सौभाग्य शाली हूं कि उनके साथ युद्ध करने का अवसर मिला।
जेल परिसर से समाधि स्थल तक निकाली गई मशाल यात्रा
बुधवार को शुरू हुए कार्यक्रम से पहले जेलर विजय मौर्य के नेतृत्व में जेल परिसर शिवपुरी से एक मशाल यात्रा निकाली गई और समाधि स्थल पहुंचकर श्रृद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम के शुरू में दीप प्रज्ज्वलित कर तात्याटोपे के छायाचित्र पर अतिथियों द्वारा माल्या पर्ण किया गया। यहां खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने भी पुष्प गुच्छ भेंट कर तात्या को नमन किया। प्रतिवर्ष इसी तरह से शहर में तात्याटोपे परिसर में तीन दिसवीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है।